इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब पर हूती हमलों के बढ़ते मामलों के बीच ‘मक्का रक्षा गठबंधन’ को लागू करने की स्थिति आ गई है। उन्होंने वादा किया कि किसी भी हमले की स्थिति में पाकिस्तान और तुर्की, दोनों ही सऊदी अरब के साथ व्यावहारिक और कूटनीतिक रूप से खड़े रहेंगे। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का बयान उस वक्त आया है जब सऊदी पर हूती विद्रोहियों के हमले हो रहे हैं और मक्का पैक्ट के बाद भी पाकिस्तान और तुर्की मदद के लिए नहीं पहुंचे हैं।
एक निजी टीवी कार्यक्रम ‘आज शाहजेब खानजादा के साथ’ में बात करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने मक्का और मदीना के पवित्र शहरों की रक्षा करने का संकल्प लिया। उन्होंने इन स्थलों की सुरक्षा को एक ‘शाश्वत समझौता’ बताया और कहा कि पवित्र शहरों पर किसी भी हमले का पाकिस्तान जवाब देगा चाहे कोई औपचारिक समझौता हो या न हो। उन्होंने कहा कि किसी समझौते के ना होने पर भी पाकिस्तान सऊदी अरब की रक्षा करेगा खासकर तब जब मक्का और मदीना के पवित्र शहरों पर हमला हो।
क्या पाकिस्तान वाकई सऊदी की रक्षा में भेजेगा सेना?
ख्वाजा आसिफ ने कहा ‘अगर कोई समझौता न भी होता और सऊदी अरब पर हमला होता खासकर मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों पर, तो भी हम एक कभी न खत्म होने वाले समझौते से बंधे हैं। हम काबा और मदीना की रक्षा करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा ‘उनकी रक्षा करना हमारा धार्मिक कर्तव्य है। तो हां दुनियावी समझौते भी हैं और उनका अपना महत्व है जिसका हम सम्मान भी करते हैं लेकिन अगर ‘अल्लाह के घर’ या पैगंबर (PBUH) की जन्मस्थली पर हमला होता है तो दुनिया में कहीं भी बैठा कोई भी मुसलमान किसी समझौते का इंतजार नहीं करेगा। इसकी रक्षा करना हमारा धार्मिक फर्ज है।’