भोपाल। प्रदेश सरकार विकास कार्यों और अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने के लिए बाजार से फिर तीन हजार करोड़ रुपये का ऋण जुटाएगी। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 की निर्धारित ऋण सीमा के तहत एक-एक हजार करोड़ रुपये की तीन किस्तों में ली जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक की नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से राज्य को बाजार की अनुकूल ब्याज दर पर ऋण स्वीकृत किया गया है।
सरकार ने हाल ही में लिया है 3600 करोड़ का लोन
अभी सरकार ने हाल में ही 3,600 करोड़ का नया बाजार कर्ज लिया है। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने कहा कि ऋण राशि का उपयोग पूरी तरह पूंजीगत कार्यों में किया जाएगा। इससे सड़क, पुल-पुलिया, भू-अर्जन, सिंचाई परियोजनाओं, बांध, चिकित्सा, विद्युत, भवन निर्माण और आमजन की सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
इस ऋण की राशि का उपयोग वेतन-भत्ते, पेंशन, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण निधि, प्रशासनिक खर्च और अनुदान जैसे राजस्व व्यय में नहीं होगा।
तीन चरणों में जुटाई जाएगी राशि
उन्होंने बताया कि बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए तीन चरणों में राशि जुटाने से ब्याज दर और वित्तीय प्रबंधन बेहतर रखा जा सकेगा। पूंजीगत निवेश से निर्माण गतिविधियों, रोजगार और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है।
साथ ही स्पष्ट किया कि यह वित्तीय प्रबंधन भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन की तीन प्रतिशत सीमा के भीतर किया जा रहा है।