अमेरिका मध्यावधि चुनाव में बड़ी हार की तरफ रिपब्लिकन पार्टी, घबराए ट्रंप कर सकते हैं बड़ी घोषणाएं, पार्टी में हड़कंप

वॉशिंगटन: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी बुरी तरह से हार सकती है। इस बात से पार्टी में हड़कंप मच गया है और डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी घोषणा करने के संकेत दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिड-टर्म चुनावों से पहले ‘बड़े सरप्राइज’ देखने को मिल सकते हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी के नेता इस बात से घबराए हुए हैं कि डेमोक्रेट्स संसद पर फिर से कब्जा कर सकते हैं। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी मध्यावधि चुनाव जीतती है तो राष्ट्रपति ट्रंप के लिए देश चलाना काफी मुश्किल हो जाएगा।

हार के डर से राष्ट्रपति ट्रंप काफी तेजी से कैम्पेनिंग कर रहे है और उनकी आगे भी ताबड़तोड़ रैलियां होने वाली हैं। रिपब्लिकन पार्टी को सबसे बड़ी चिंता उन राज्यों में हारने की है जो उसका गढ़ रहे हैं। कई राज्य रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से निकल सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो राष्ट्रपति चुनाव जीतना रिपब्लिकन पार्टी के लिए अत्यंत मुश्किल हो जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप कर सकते हैं बड़ी घोषणाएं

ट्रंप ने मंगलवार को मैरीलैंड के स्पैरोज पॉइंट पर राज्य में अरबों डॉलर के नए डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट के बारे में बात की और कहा कि 3 नवंबर को आपको कुछ ऐसा देखने को मिल सकता है जिसकी आपने उम्मीद नहीं की होगी। ट्रंप ने पूछा ‘अगले कुछ हफ्तों में कुछ बड़े सरप्राइज आने वाले हैं, है ना रस?’ ट्रंप अमेरिका के ‘ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट’ के हेड रसेल वॉट का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा ‘मेरी नजर में वह हमारे देश के इतिहास के बहुत अहम लोगों में से एक होंगे। वह कुछ बेहतरीन काम कर रहे हैं।’

ट्रंप ने इसके बारे में और कुछ नहीं कहा और वहां मौजूद अपनी कैबिनेट के बाकी सदस्यों का जिक्र करने लगे जिनमें पीट हेगसेथ भी शामिल थे। आपको बता दें कि वॉट डोनाल्ड ट्रंप के बदनाम ‘प्रोजेक्ट 2025’ के सह-लेखक थे और उन्होंने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती छह महीनों में इसे लागू करने के लिए एक ट्रांज़िशन प्लेबुक तैयार की थी। ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कई संकेत मिल रहे हैं कि GOP (रिपब्लिकन पार्टी) मिडटर्म चुनावों को लेकर घबराहट में है।

पोल में रिपब्लिकन पार्टी की हार की ‘भविष्यवाणी’

  • रायटर्स/इप्सोस पोल के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग यानि लोकप्रियता रसातल में जा चुकी है और सिर्फ 32 फीसदी ही उनकी रेटिंग है। यह पोल उनकी पार्टी के लिए भी बुरी खबर लेकर आया है।
  • 5 अक्टूबर को जारी इस सर्वे में शामिल 44 प्रतिशत वोटरों ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को पसंद करते हैं जबकि सिर्फ 37 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया है।
  • निष्पक्ष वोटरों का झुकाव भी डेमोक्रेट्स की तरफ बढ़ चुका है और 37 प्रतिशत ऐसे वोटर्स ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की बात कही है जबकि सिर्फ 21 प्रतिशत ने रिपब्लिकन का समर्थन किया है। यानि दोनों के बीच 16 अंकों का अंतर है।
  • इस पोल के मुताबिक हिस्पैनिक और लातिनी मतदाता वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी की नीतियों से निराश नजर आ रहे हैं। हालांकि AS/COA पोल ट्रैकर के अनुसार साल 2024 में ट्रंप को 48% लातिनी मतदाताओं का समर्थन मिला था लेकिन इस बार रिपब्लिकन पार्टी के लिए उस सफलता को दोहराना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
  • ओहायो गवर्नर रेस में भी रिपब्लिकन पार्टी के विवेक रामास्वामी पिछड़ गये हैं और 2 अक्टूबर को जारी सफ़ोक यूनिवर्सिटी पोल में उन्हें 41 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिल रहा है जबकि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 57% मतदाताओं के लिए भोजन, गैसोलीन (पेट्रोल) और बिजली के बढ़ते बिल सबसे बड़ी चिंता हैं। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों पर भी तीखी बहस चल रही है। फरवरी से ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष ने अमेरिका में ऊर्जा की लागत बढ़ा दी है। रॉयटर्स/इप्सोस के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 34% जनता ही इस संघर्ष के प्रबंधन से संतुष्ट है जिससे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। रोजगार, इमिग्रेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रेगुलेशन भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं।

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