अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट में पेश होने के निर्देश, 4 साल पुराने केस में 16 नवंबर तक का समय, जानिए डिटेल

दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड के दिग्‍गज एक्‍टर अमिताभ बच्चन को अदालत में पेश होने का निर्देश जारी किया है। जी हां, शुक्रवार 09 अक्‍टूबर को जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की कोर्ट ने यह निर्देश जारी किया है। मामला पर्सनैलिटी राइट्स केस से जुड़ा है, जहां कुछ प्रतिवादियों के साथ हुए समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बिग बी को समय दिया गया है। अदालत ने कहा कि यदि अमिताभ बच्‍चन अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दायर मुकदमे को आगे बढ़ाना चाहते हैं, विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें कोर्ट के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

‘बार और बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की बेंच ने यह निर्देश तब जारी किया जब पक्षों ने कोर्ट को बताया कि नवंबर 2022 में कोर्ट ने ‘एकतरफा रोक’ लगाकर अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की थी, लेकिन कार्यवाही के दौरान पक्षों ने मध्यस्थता के जरिए आपसी समझौते की संभावना पर भी विचार किया।

अम‍िताभ बच्‍चन के वकील ने कोर्ट से मांगा समय

अदालत में शुक्रवार को पक्षों ने आगे बताया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ आपसी समझौता हो गया था, लेकिन बिग बी की तरफ से कुछ लॉजिस्टिकल दिक्कतों के कारण समझौते के कागजात पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर नहीं हो सके। 83 साल के अमिताभ बच्चन के वकील ध्रुव आनंद ने अदालत से इस बाबत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने और समझौते को रिकॉर्ड पर लाने के लिए और समय मांगा।

द‍िल्‍ली हाई कोर्ट ने कहा- 16 नवंबर तक का समय है

जस्‍ट‍िस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की अदालत ने इसके लिए 16 नवंबर तक का समय दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर समझौता अधूरा रहता है या नहीं हो पाता है, और यदि एक्टर मुकदमे में उठाए गए किसी भी दावे या मुद्दे पर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

‘समझौता अधूरा रहा, तो वादी को पेश होना होगा’

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘समय दिया जाता है। मामले को 16.11.2026 को लिस्ट किया जाए। यदि समझौता नहीं होता है या अधूरा रहता है, और वादी किसी भी दावे या मुद्दे पर मुकदमा आगे बढ़ाना चाहता है, तो वादी को अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना होगा, ताकि कोर्ट ‘कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर, 1908’ के ‘ऑर्डर X नियम 2’ (साथ में ‘ऑर्डर V नियम 3’) और ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023’ की ‘धारा 168′ के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सके।’

अम‍िताभ बच्‍चन का पर्सनैल‍िटी राइट्स केस क्‍या है?

‘महानायक’ अमिताभ बच्चन ने साल 2022 में अपनी आवाज, नाम, चेहरे की तस्‍वीर और पर्सनैलिटी के अन्य गुणों का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई लोग उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर फर्जी लॉटरी स्कैम, व्हाट्सएप मैसेज और मोबाइल ऐप्स में उनकी पहचान का गलत फायदा उठाया जा रहा है। इसके बाद नवंबर 2022 में कोर्ट ने उनके पक्ष में एक अंतरिम आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया कि कोई भी व्यक्ति अमिताभ बच्‍चन की अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज या फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता।

ऐश्‍वर्या और अभ‍िषेक भी कर चुके हैं कोर्ट का रुख

अदलात ने नवंबर 2022 में संबंधित सरकारी विभागों और टेलीकॉम कंपनियों को भी निर्देश दिए थे। इसमें याचिका में दिए गए कुछ ऑनलाइन लिंक और वेबसाइट हटाने के साथ ही ऐसे मैसेज फैलाने वाले फोन नंबरों को ब्लॉक करने की कार्रवाई शामिल थी। अमिताभ बच्चन के साथ ही उनके परिवार से बहू ऐश्‍वर्या राज बच्‍चन और बेटे अभ‍िषेक बच्‍चन भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ के लिए अदालत का रुख कर चुके हैं।

आराध्‍या को लेकर फर्जी वीड‍ियोज पर कोर्ट ने ल‍िया था एक्‍शन

करीब तीन साल पहले, अप्रैल 2023 में बच्‍चन परिवार से जुड़ा एक और मामला अदालत तक पहुंचा था। इसमें उनकी पोती और अभिषेक-ऐश्‍वर्या की बेटी आराध्या बच्चन को लेकर यूट्यूब पर चल रहे ‘भ्रामक और आपत्त‍िजनक वीडियो’ को लेकर राहत की अपली की गई थी। तब दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐसे वीडियोज हटाने के निर्देश दिए थे।

जया बच्‍चन ने भी दी थी पर्सनैल‍िटी राइट्स को लेकर याच‍िका

बीते साल ही नवंबर 2025 में अमिताभ बच्‍चन की पत्‍नी, एक्‍ट्रेस और राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने भी अपनी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति उनके नाम के व्‍यवसायिक इस्‍तेमाल के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने उनकी ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए थे।

Spread the love