नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की महासभा की छठी समिति (कानूनी मामले) की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के उस दावे और बयानबाजी का मुंहतोड़ जवाब दिया है, जिसमें उसने कानून के शासन पर ज्ञान देने की कोशिश की थी। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थाई मिशन की काउंसलर और कानूनी सलाहकार मैथिली आर. ने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ (जवाब देने का अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। मैथिली आर. ने कहा कि जिस देश में ‘सेना ही नियम है और सेना ही कानून’, वह देश जब कानून के शासन की बात करता है तो यह बेतुका लगता है। तो चलिए जानते हैं कौन हैं भारतीय डिप्लोमेट मैथिली आर. जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी…
कौन हैं भारतीय डिप्लोमेट मैथिली आर?
मैथिली आर. एक भारतीय राजनयिक हैं जो न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर और कानूनी सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। वह नवंबर 2024 से मिशन में इस पद पर हैं। वह 2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। अक्टूबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति (कानूनी मामले) में पाकिस्तान को करारा जवाब देने के बाद उनकी जमकर तारीफ हो रही है।
मैथिली आर ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
मैथिली ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह न्यायपालिका की आजादी को कमजोर कर रहा है, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मनमाने ढंग से जेल में डाल रहा है, एक लोकप्रिय पार्टी को चुनाव लड़ने से रोक रहा है और लोगों के अधिकारों व प्रेस की आजादी पर रोक लगा रहा है। उन्होंने धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर पाकिस्तान के भारत पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया और पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बचाव करते हुए इसे ‘सोचा-समझा, उचित और लक्षित जवाब’ बताया।