अबू धाबी का शाही परिवार विवादों में, गुलाम नौकर, टॉर्चर टेप और जिंदा जलाने की कहानी, एक से एक काले कारनामे

लंदन/अबू धाबी: जिस परिवार की कुल संपत्ति एक चौथाई ट्रिलियन पाउंड से ज्यादा है उसकी एक बहू लंदन की सड़क पर कोकीन के नशे में सुध खो बैठी और मासूम बच्चा ट्रैफिक के बीच अकेला घूम रहा था। यह महज एक लापरवाही नहीं है बल्कि उस अबू धाबी के शाही घराने का एक और भयानक सच है जिसके इतिहास में टॉर्चर टेप, इंसानी तस्करी और दासों जैसा सुलूक करने जैसे खौफनाक स्कैंडल दबे हुए हैं।

लंदन की सड़क पर बेसुध पड़ी इस महिला का नाम महराह अल नाहयान है। यह अबू धाबी के शाही परिवार की सदस्य हैं। यह दुनिया के सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली शाही परिवारों में से एक हैं जो तेल से समृद्ध अमीरात पर शासन करता है।

लंदन की सड़क पर बेसुध पड़ी दिखीं UAE शाही परिवार की बहू

  • यूएई शाही परिवार से शादी के जरिए जुड़ीं 32 साल की अल नाहयान ने जून में हुई एक घटना के बाद बच्चों की उपेक्षा करने के एक आरोप में इस हफ्ते अपना जुर्म कबूल किया था। CPS की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो में अल नाहयान को फुटपाथ पर बिना जूतों के बैठे हुए देखा जा सकता है जिसमें उनकी पीठ काली रेलिंग से सटी हुई है।
  • अभियोजन पक्ष की ओर से रियो पहलवानपौर ने बताया कि दोपहर करीब 1:50 बजे एक राहगीर ने देखा कि ‘बच्चा बिना किसी देखरेख के, बिना जूतों के, सड़क पर एक स्कूटर के साथ था और ऐसा लग रहा था कि वह चलती हुई गाड़ियों के काफी करीब पहुंच रहा है।’
  • अदालत को यह भी बताया गया कि अल नाहयान ‘द प्रायरी’ में ड्रग की लत का इलाज करा रही थीं। यह एक प्राइवेट रिहैब सेंटर है जहां केट मॉस और जॉनी डेप जैसी हस्तियां भी इलाज करा चुकी हैं।
  • शाही परिवार की इस सदस्य को हर महीने 8,000 पाउंड का भत्ता मिलता है उन्हें दो साल का ‘कम्युनिटी ऑर्डर’ यानि सामाजिक सेवा का आदेश दिया गया। साथ ही उन पर 5,000 पाउंड का जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का खर्च उठाने के लिए 1,000 पाउंड का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया।
  • लेकिन यह इस शाही परिवार के सामने आया सबसे ताजा संकट है। इस परिवार के इतिहास में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और यातना देने के आरोपों से जुड़ा एक विवादित अदालती मामला भी शामिल है।

अफगानी व्यक्ति को टॉर्चर करने वाला टेप

  • साल 2009 में एक टेप लीक हुआ था जिसमें शाही परिवार के एक वरिष्ठ सदस्य शेख ईसा बिन ज़ायद अल-नाहयान को एक अफगान व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई करते और उसे यातना देते हुए देखा गया था। शेख ईसा ने उस व्यक्ति पर एक बिजनेस डील में उनके साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था।
  • मैनचेस्टर सिटी के मालिक शेख मंसूर के सौतेले भाई ईसा को रेगिस्तान में शूट किए गए 45 मिनट के एक वीडियो में अनाज व्यापारी मोहम्मद शाह पूर को बेरहमी से पीटते हुए देखा गया था। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित इस हमले में बच गया।
  • ईसा उसके आस-पास जमीन पर ऑटोमैटिक हथियार से गोलियां चलाता है। उसके प्राइवेट पार्ट में मवेशियों को कंट्रोल करने वाला इलेक्ट्रिक रॉड डालकर उसे चालू कर देता है और कील लगे लकड़ी के डंडे से उसे बुरी तरह पीटता है। इसके अलावा उसके घावों पर नमक भी छिड़का गया था और उसके प्राइवेट पार्ट में आग तक लगा दिया गया था।

हैरानी की बात ये है कि इस मामले में ईसा को निर्दोष घोषित कर दिया गया और यह कहा गया कि असल में वही पीड़ित थे। इसके बजाय अदालत ने उस व्यक्ति को दोषी ठहराया जिसने टेप को देश से बाहर निकाला था। यह व्यक्ति बसम नबुलसी नाम का एक अमेरिकी व्यवसायी था जिस पर उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया गया। चूंकि वे टेक्सास में थे इसलिए उन्हें असल में जेल नहीं जाना पड़ा।

आठ राजकुमारियां मानव तस्करी में दोषी करार

  • 2017 में शाही परिवार की आठ राजकुमारियों को मानव तस्करी और दुर्व्यवहार के आरोपों में दोषी ठहराया गया था। यह घटना तब हुई थी जब वे बेल्जियम के एक लग्जरी होटल में पूरा एक फ्लोर किराए पर लिए हुए थीं।
  • शेखा हमदा अल-नाहयान और उनकी सात बेटियों ने 2008 में ब्रुसेल्स के ‘कॉनराड होटल’ का एक हिस्सा आठ महीने के लिए किराए पर लिया था और वे अपने साथ 20 से ज्यादा नौकरों को भी लाई थीं।
  • उन पर आरोप लगा कि उन्होंने इन कर्मचारियों को गुलामी जैसी स्थितियों में रखा था। निजी गार्डों ने उन्हें होटल से बाहर जाने से रोक रखा था और उन्हें राजकुमारियों के खाने से बचा हुआ जूठा खाना खाने के लिए मजबूर किया जाता था। इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक नौकर होटल से भागने में कामयाब हो गया था।

पीड़ितों ने बताया कि उनसे 24 घंटे काम करवाते जाते थे और जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया जाता था। एक पीड़ित ने तो यहां तक बताया कि उन्हें तीन दिनों तक खाना-पानी भी नहीं दिया गया था। इन 23 महिलाओं में से कई अफ्रीकी देशों की नागरिक थीं जिन्हें बिना किसी वैध दस्तावेज या वीजा के तस्करी करके वहां लाया गया था। आठों राजकुमारियों को दोषी पाया गया। उन्हें 15 महीने की ‘सस्पेंडेड सजा’ सुनाई गई और 139,600 पाउंड का जुर्माना लगाया गया।

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