हमारे शरीर में कुछ अंग एक हैं तो कुछ दो. दिल एक है, लिवर एक है, लेकिन किडनी दो हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब एक किडनी के साथ भी इंसान सामान्य जीवन जी सकता है, तो शरीर में दो किडनी क्यों होती हैं? और इतने सारे काम करने वाले लिवर की संख्या सिर्फ एक क्यों है?
इसी सवाल को समझने के लिए हमने आरजी हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डॉ. पीयूष विश्वकर्मा से बात की.
लिवर इतना काम अकेले कैसे संभालता है?
लिवर हमारे शरीर का सबसे भारी और सबसे बड़ा अंदरूनी अंग है. यह पेट के दाहिने हिस्से में पसलियों के ठीक नीचे बैठता है. लिवर एक साथ शरीर के कई जरूरी काम संभालता है, इसलिए इसे शरीर की केमिकल फैक्ट्री भी कहा जाता है.
डॉ. पीयूष विश्वकर्मा बताते हैं कि लिवर एक समय में 500 से भी ज्यादा जरूरी काम करता है:
पोषक तत्वों को संभालना: हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं, आंतें उसे सोखकर सबसे पहले लिवर के पास भेजती हैं. लिवर तय करता है कि किस चीज को एनर्जी में बदलना है और किसे स्टोर करना है.