नई दिल्ली: एक मां, एक बच्चा और कस्टडी की लंबी कानूनी लड़ाई। अब इस मामले में इंटरपोल भी शामिल हो गया है। रूसी नागरिक विक्टोरिया बसु पर आरोप है कि वह सुप्रीम कोर्ट के ‘शेयर्ड कस्टडी’ के आदेश के बावजूद अपने नाबालिग बेटे को लेकर भारत से चली गईं। करीब एक साल बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है। अब उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश हो रही है। इसके लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अदालत में दाखिल रिपोर्ट में पुलिस ने इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। मामले में एक कथित सहयोगी की भूमिका और बच्चे की सुरक्षा से जुड़े आरोपों की भी जांच चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारत से जाने का आरोप
दिल्ली की साकेत कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपकशी राणा के सामने डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन ने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विक्टोरिया बसु के प्रत्यर्पण का अनुरोध गृह मंत्रालय (MHA) को भेज दिया गया है। अब इस अनुरोध को विदेश मंत्रालय (MEA) और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस ने विक्टोरिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाशने के लिए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है। इसका मकसद उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने के साथ संबंधित देशों के अधिकारियों के सहयोग से आगे की कानूनी कार्रवाई करना है।
नताशा की भूमिका की भी जांच
इस मामले में एक कथित सहयोगी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शिकायतकर्ता सैकत बसु के वकील टी. जायसवाल के मुताबिक, पुलिस ने यश राज फिल्म्स से सह-आरोपी नताशा के बारे में जानकारी मांगी है। शक है कि नताशा ने विक्टोरिया को भारत से जाने में मदद की थी। हालांकि, यह आरोप अभी जांच के अधीन है। जांच अधिकारी ने अदालत से अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय मांगा है। इसकी वजह शिकायतकर्ता की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों की जांच बाकी होना है। पुलिस इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
शादी के बाद भारत आई थीं विक्टोरिया
यह मामला सैकत बसु और विक्टोरिया बसु के बीच बेटे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। शादी के बाद विक्टोरिया 2019 में भारत आई थीं। बाद में दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और शादी टूट गई। इसके बाद 2023 में विक्टोरिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपने बेटे की पूरी कस्टडी मांगी थी। बच्चे का जन्म 29 अक्टूबर 2020 को हुआ था।
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने दिया ‘शेयर्ड कस्टडी’ का आदेश
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे की ‘शेयर्ड कस्टडी’ का आदेश दिया था। अदालत ने विक्टोरिया का वीजा बढ़ाया और पुलिस को उनके आवास पर नजर रखने का निर्देश भी दिया था।लेकिन जुलाई 2025 में सैकत बसु ने अदालत को बताया कि विक्टोरिया अपने बेटे के साथ कहीं चली गई हैं। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। मामले में विदेश मंत्रालय (MEA) को भी दखल देना पड़ा। अब दिल्ली पुलिस उन्हें भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
बच्चे को घर पर छोड़ने का भी आरोप
ताजा एक्शन टेकन रिपोर्ट में एक अन्य शिकायत का भी जिक्र है। आरोप है कि 13 मार्च 2023 को विक्टोरिया और उनकी मां ओल्गा झिगालिना बच्चे को घर पर ही छोड़कर चली गई थीं। शिकायत में कहा गया है कि इस कथित लापरवाही से बच्चे के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हुआ। पुलिस इस शिकायत की भी जांच कर रही है। शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।