नई दिल्ली: भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और अहम कदम उठाया गया है। नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने भारतीय सेना को अपना स्वदेशी एंटी-टैंक लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम ‘नागास्त्र-2’ सौंपा है। कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम आधुनिक निगरानी तकनीक और सटीक निशाना लगाने की क्षमता से लैस है।
कंपनी के अनुसार, नागास्त्र-2 में दिन और रात दोनों समय निगरानी करने वाले कैमरे लगे हैं। इसमें 4 किलोग्राम का टैंडम शेप्ड-चार्ज वॉरहेड दिया गया है, जिसे 650 मिलीमीटर तक की रोल्ड होमोजीनियस आर्मरसुरक्षा को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है।
25 KM ऑपरेशनल रेंज
यह सिस्टम दो मोड में काम करता है। रिकवर करके दोबारा इस्तेमाल करने वाले मोड में इसकी ऑपरेशनल रेंज 25 किलोमीटर है, जबकि फायर-एंड-फॉरगेट मोड में यह 50 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बना सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान समय 60 मिनट तक है।
इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के दौरान भी काम करने की क्षमता
नागास्त्र-2 की प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर्स क्षमता शामिल है। कंपनी के मुताबिक, इसे ऐसे युद्धक्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप का खतरा हो। इस तकनीक का उद्देश्य कम्यूनिकेशन को रोकना, GPS जैमिंग और GPS स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के बीच सिस्टम की परिचालन क्षमता को मजबूत करना है। इसे इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के समय भी सटीकता के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा
सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के मुताबिक, नागास्त्र-2 का विकास स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। निगरानी, लंबी परिचालन दूरी और दोबारा इस्तेमाल की सुविधा जैसी विशेषताएं इसे भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा प्रणाली बनाती हैं।