कुतिया ने CMHO कार्यालय में जन्मे पिल्ले
मध्य प्रदेश को यूं ही अजब-गजब प्रदेश नहीं कहते। इसकी एक बानगी छतरपुर में सामने आई है। यहां एक आवारा कुतिया ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के कार्यालय को ही अपना प्रसूति केंद्र बना लिया। दफ्तर में रखी अलमारियों और फाइलों के बीच उसने छह पिल्लों को जन्म दिया।
बताया जा रहा है कि रविवार रात कुतिया कार्यालय के एक खाली केबिन में पहुंच गई। यहां अलमारियों के पास फाइलें और दस्तावेज रखे थे। कुतिया ने वहीं पिल्लों को जन्म दे दिया।
सोमवार सुबह कर्मचारी दफ्तर पहुंचे तो फाइलों के बीच पिल्ले नजर आए। इसका वीडियो सामने आया, तो स्वास्थ्य विभाग के इस कार्यालय में सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ को फटकार लगाई। साथ ही कार्यालय की व्यवस्थाएं जल्द सुधारने के निर्देश दिए।
एमवाय हॉस्पिटल में चूहों के बाद अब सांप की एंट्री
इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के बाद अब सांप की एंट्री भी हो गई है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की न्यू ओपीडी में एक सांप काफी देर तक बेखौफ होकर घूमता रहा।
सांप को देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। ऐसा लग रहा था, मानो सर्पराज भी अपना इलाज कराने अस्पताल पहुंचे हों और बिना किसी डर के ओपीडी का जायजा ले रहे हों।
काफी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा गया और अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
अब लोग अस्पताल की व्यवस्थाओं पर तंज कस रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों को इलाज के साथ-साथ चिड़ियाघर जैसा अनुभव भी मिल रहा है। पहले चूहे और अब सांप…यानी एमवाय अस्पताल में इलाज के साथ वन्यजीव दर्शन भी मुफ्त।
दोनों हाथ छोड़कर बाइक चलाते दिखे विधायक
मध्य प्रदेश में भाजपा के एक विधायक का चलती बाइक पर स्टंट करते हुए वीडियो सामने आया है। कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी बाइक चलाते समय कभी दोनों हाथ छोड़ते तो कभी एक हाथ से बाइक चलाते नजर आए।
वीडियो सामने आने के बाद विधायक के इस अंदाज पर सवाल उठने लगे। लोगों ने नियम-कायदों की अनदेखी को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर खरी-खरी सुनाई। इसके बाद विधायक बैकफुट पर आ गए।
विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने सफाई देते हुए कहा- मेरे द्वारा कोई स्टंट नहीं किया गया था। उत्साह में हो गया था। आगे से मुझसे ऐसी गलती नहीं होगी।
खास बात यह है कि यही विधायक कुछ समय पहले सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को नियमों का पालन करने की सीख देते नजर आए थे। उन्होंने गणेश प्रतिमा को भी कार में सीट बेल्ट पहनाई थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट और मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट जरूर लगाना चाहिए।
अब विधायक खुद बाइक पर नियमों की अनदेखी करते नजर आए तो कांग्रेस ने भी सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने पूछा है कि बाइक पर स्टंट करने के मामले में विधायक का चालान आखिर कब कटेगा?
नेता जी ने गलती मानकर माफी तो मांग ली, लेकिन अब सवाल यही है कि नियम-कायदे सिर्फ दूसरों के लिए हैं या जनप्रतिनिधियों पर भी लागू होते हैं।
तहसीलदार पर भड़क गए कांग्रेस विधायक
आगर जिले के सुसनेर में नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार तहसीलदार पर भड़क गए। विधायक ने फोन पर तहसीलदार को जमकर खरी-खोटी सुनाई और यहां तक कह दिया- तेरे बाप का राज है क्या?
दरअसल, सुसनेर में नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए वोटिंग चल रही थी। इसी दौरान विधायक ने बिना सूचना दिए ईवीएम बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव में फर्जीवाड़ा किए जाने की बात कहते हुए तहसीलदार को फोन लगा दिया और जमकर फटकार लगाई।
हालांकि, इस बातचीत का एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया। तहसीलदार को खरी-खोटी सुनाने के बाद विधायक खुद पूछते नजर आए कि फोन पर कौन था? यानी विधायक को यह तक पता नहीं था कि दूसरी तरफ आखिर कौन था।
विधायक के इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस को भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने का मौका मिल गया है। पार्टी की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कलेक्टरी बचाने के लिए ‘पहाड़ी जैक’
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों चर्चा तेज है कि जल्द ही आईएएस अफसरों की तबादला सूची आने वाली है। इसकी तैयारी भी जोर-शोर से चल रही है। माना जा रहा है कि इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर इधर से उधर हो सकते हैं या हटाए भी जा सकते हैं।
तबादलों की इस संभावित आहट के साथ ही कई आईएएस अफसर अलर्ट मोड में आ गए हैं। एक जिले के कलेक्टर भी कुर्सी बचाने की कवायद में जुटे हैं और इसके लिए अपने संबंधों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुना है कि इन साहब ने एक पहाड़ी राज्य में एप्रोच लगाई है। जिनके जरिए जैक लगाया जा रहा है, वे उनके सगे-संबंधी बताए जा रहे हैं और वहां की सरकार में अहम पद पर हैं।
हालांकि, साहब को यह भी पता है कि आखिर उन्हें हटाने की चर्चा क्यों चल रही है। दरअसल, सरकार उनसे एक आंदोलन को लेकर खफा बताई जा रही है। ऐसे में मौजूदा जिले में उनकी कुर्सी बचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
अब साहब की कोशिश है कि अगर सरकार ने इस जिले से उन्हें हटाने का मन बना ही लिया है, तो कम से कम किसी दूसरे जिले में कलेक्टर की कुर्सी जरूर मिल जाए।
अब देखना यह है कि उनका लगाया जैक कितना असर दिखाता है और साहब की कुर्सी बचती है या जिला बदलता है।
इनपुट सहयोग – राजेश चौरसिया (छतरपुर), कपिल राठौर (इंदौर), पुरुषोत्तम परवानी (शुजालपुर), मनीष मारू (आगर)।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने ही कार्यकर्ताओं के जोश और उत्साह से परेशान हो गए। एक मौके पर तो उनका गुस्सा भी फूट पड़ा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को डांट लगाई और उन्हें हटाते-धकेलते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी के संघर्ष के साथ ही कई रोचक नजारे भी देखने को मिले।