वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘गटर जैसा’ बताने के बाद अब भारतीय रिपोर्टर का मजाक उड़ाया है। ट्रंप ने भारतीय रिपोर्टर के बोलने के लहजे और भारी आवाज का मजाक उड़ाया और पूछा ‘क्या तुम जर्मनी से हो?’ ट्रंप ने भारतीय पत्रकार के भारी लहजे को लेकर वाइट हाउस में मजाक उड़ाया। भारतीय पत्रकार ने उनसे भारत के साथ होने वाले ट्रेड डील को लेकर सवाल पूछा था जिसपर जवाब देते हुए उन्होंने कहा ‘क्या तुम भारतीय हो? मुझे लगा जर्मनी से हो।’ उन्होंने आगे कहा ‘मैं सिर्फ मजाक कर रहा हूं। तुम सेन्ट्रल कास्टिंग हो और ये बहुत अच्छी बात है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘सेन्ट्रल कास्टिंग’ कहने का मतलब भी रिपोर्टर का मजाक उड़ाना था। इस शब्द का इस्तेमाल हॉलीवुड की फिल्मों में लीड कैरेक्टर के लिए किया जाता है। ‘सेंट्रल कास्टिंग’ एक हॉलीवुड टर्म है जिसका उपयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो बिल्कुल किसी फिल्म के परफेक्ट हीरो या किरदार जैसे दिखते हैं।
भारतीयों के बोलने के लजहे का मजाक उड़ाते रहते हैं ट्रंप
आपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारतीयों के बोलने का लहजा उड़ाया है। पिछले दिनों उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें भारतीयों को ‘हेलहोल’ यानि ‘नरक जैसा’ बताया था। ये एक नस्लीय टिप्पणी थी जिसके लिए उनकी काफी आलोचना की गई थी। 2016 में भी अपने पहले राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान डेलवेयर की एक रैली में ट्रंप ने भारतीय कॉल सेंटर के कर्मचारियों का मजाक उड़ाया था। उन्होंने एक नकली भारतीय लहजे में बात करते हुए कहा था कि जब आप अपने क्रेडिट कार्ड कंपनी को फोन करते हैं तो आगे से आवाज आती है ‘हम भारत से बोल रहे हैं।’ हालांकि इसके तुरंत बाद उन्होंने यह भी जोड़ दिया था कि भारत एक बेहतरीन जगह है और वे भारतीय नेताओं से नहीं बल्कि अमेरिकी नेताओं की बेवकूफी से परेशान हैं।
सोशल मीडिया पर ट्रंप की आलोचना
ट्रंप की इस हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की गई है। फ्रेंकी डी गोलकीपर नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा है ‘उन्होंने एक जोकर को राष्ट्रपति चुना है। यह समझ में आता है कि वह ऐसे बयान देते हैं।’ वहीं एक और यूजर ने लिखा है कि ‘इस बीच उनका परिवार भारत में ज्ञान पाने के लिए गायों की पूजा कर रहा है।’ विल नाम के यूजर ने लिखा है ‘हर किसी का अपना एक लहजा होता है अगर कोई ट्रंप से कह दे कि उनकी बात किसी को समझ नहीं आती तो वह बच्चों की तरह गुस्सा करने लगेंगे।’