MP के राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप, तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस और भाजपा में टक्कर

 भोपाल। राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट पर संख्या बल न होने के बाद भी भाजपा द्वारा प्रत्याशी खड़ा किए जाने के बाद विधायकों की खरीद-फरोख्त (हार्स ट्रेडिंग) के आरोप- प्रत्यारोप आरंभ हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जो अंतरात्मा की आवाज पर वोट देगा, हम उसका स्वागत करेंगे। वहीं, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी कह रहे हैं कि भाजपा धनबल और दबाव की राजनीति कर रही है।

लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने की इस कोशिश का जवाब कांग्रेस के निष्ठावान विधायक एकजुटता से देंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है, फिर भी उन्होंने तीसरा उम्मीदवार उतारा है। इसका साफ मतलब है कि भाजपा धनबल के सहारे हमारे विधायक खरीदना चाहती है। यह लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश है, लेकिन कांग्रेस के सभी विधायक बिकाऊ नहीं हैं।

कांग्रेस को बैचेने होने की जरूरत नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हम तीसरा प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए लड़ा रहे हैं। मुझे नहीं मालूम कौन किसको ऑफर दे रहा है। कांग्रेस को बेचैन होने की जरूरत नहीं वह अपनी पार्टी को देखे।

कांग्रेस द्वारा लोकतंत्र की हत्या के आरोपों पर खंडेलवाल ने कहा कि हम कह रहे है हमारे टच में कोई नहीं है, जो अंतरात्मा की आवाज पर वोट देगा, हम उसका स्वागत करेंगे। भाजपा एकजुटता के साथ चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस राज्यसभा चुनाव को लेकर भ्रम और असमंजस की स्थिति में है। कांग्रेस नेताओं के बयानों में एकरूपता नहीं है।

महेश केवट ने बोर्ड के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद महेश केवट ने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। शासन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

हमारे पास अतिरिक्त वोट इसलिए तीसरी सीट पर प्रत्याशी खड़ा किया : विजयवर्गीय

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनाव लड़ने का सभी को अधिकार है। हम उसी अधिकार का उपयोग कर रहे हैं। हमारे पास अतिरिक्त वोट है, इसलिए हमने तीसरी सीट पर प्रत्याशी खड़ा किया है। हमें विश्वास है लोग विकास चाहते हैं।

लोग हमारे प्रत्याशी को वोट देंगे और हम राज्यसभा की तीसरी सीट जीतेंगे। कांग्रेस की बाड़ाबंदी पर विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस को विश्वास नहीं अपने विधायकों पर, इसलिए प्रदेश से बाहर ले जा रहे होंगे। हमें अपने विधायकों पर विश्वास है वह डंके की चोट पर हमारे प्रत्याशी के साथ खड़े रहेंगे।

महेश केवट : दो करोड़ 53 लाख रुपये की अचल संपत्ति

भाजपा उम्मीदवार महेश केवट के पास आवास, कृषि भूमि मिलाकर दो करोड़ 53 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। केवट के पास एक लाख 60 हजार रुपये नकद, चार पहिया वाहन, 26 ग्राम सोना मिलाकर 20 लाख 70 हजार रुपये की चल संपत्ति और पत्नी के पास 20 हजार रुपये नकद मिलाकर छह लाख 27 हजार की चल संपत्ति है। वाहन कर्ज मिलाकर कुल आठ लाख 35 हजार की देनदारियां हैं। महेश केवट का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। आय का स्रोत व्यवसाय है।

मीनाक्षी नटराजन के पास न कृषि भूमि न आवास

कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के पास न तो कृषि भूमि है और न ही वाणिज्यिक या आवासीय भवन। वाहन के नाम पर 2021 में खरीदा टियोगो है, जिसकी कीमत अब तीन लाख रुपये है। हाथ में मात्र 35 हजार रुपये की नकदी है तो बैंक में जमा, शेयर और बचत में कुछ निवेश, सोने के जेवर का सकल मूल्य एक करोड़ 35 लाख 37 हजार 232 रुपये है। आपराधिक प्रकरण की जानकारी शपथ में नहीं दी है।

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