भोपाल। अयोध्या बायपास पर रत्नागिरी से आशाराम तिराहा तक बनाई जा रही 10 लेन सड़क परियोजना में बाधा बन रहे सभी तरह के अतिक्रमणों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी के तहत जिला प्रशासन ने नगर निगम के सहयोग से रविवार को बाधा बन रहीं अर्जुन नगर बस्ती की 38 झुग्गियों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। नगर निगम ने सुबह आठ बजे कार्रवाई शुरू की थी जो कि दोपहर तीन बजे तक चली।
जानकारी के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा 10 लेन सड़क परियोजना के तहत एक निजी कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इस दौरान कुछ जगह पर कच्चे-पक्के अतिक्रमण सामने आ रहे हैं, जिन्हें हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से की जानी है।
नोटिस के बाद खाली करवाई गई जमीन, लालपुरा में किया विस्थापन
इसी के तहत जिला प्रशासन द्वारा बाधा बन रहे कच्चे-पक्के निर्माणों को चिह्नित कर लोगों को नोटिस देते हुए खुद से हटाने का समय दिया था। जिसके बाद से अधिकांश लोगों ने सामान निकालते हुए झुग्गी व कच्चे मकानों को खाली करना शुरू कर दिया था। इसी कार्रवाई के तहत अर्जुन नगर बस्ती की 38 झुग्गियों को रविवार को निगम अमले के सहयोग से तोड़ने की कार्रवाई करते हुए सड़क के लिए जमीन को खाली करवाया गया है। इसके बाद भूमि एनएचएआई को सौंप दी गई है और अब यहां तेजी से सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा। गोविंदपुरा एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि झुग्गी में रह रहे परिवारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। वहीं, शनिवार को अनाउंसमेंट भी किया था। सभी परिवारों को ग्राम पंचायत जमुनिया के लालपुरा गांव में विस्थापित किया गया है। नगर निगम अमले में अतिक्रमण प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया सहित 50 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
बाग मुगालिया एक्सटेंशन में शिफ्टिंग पर बढ़ा विवाद
दीपक नगर बावड़ियाकलां स्थित एक झुग्गी बस्ती को बाग मुगालिया एक्सटेंशन में शिफ्ट करने का रविवार को जमकर विरोध हुआ। बस्ती में रहने वाले 35 परिवारों को वहां शिफ्ट किया गया, जहां ग्रीन बेल्ट है और ऊपर से हाईटेंशन लाइन भी गुजरी है। ऐसे में हरियाली के साथ आम लोगों की जिंदगी पर भी संकट खड़ा हो गया है। रविवार को कई लोग शिफ्टिंग का विरोध करते हुए मैदान में उतर गए। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि दीपक नगर बस्ती में परिवार कई साल से रह रहे थे। शनिवार को कोलार एसडीएम और तहसीलदार ने इन्हें बाग मुगालिया एक्सटेंशन में श्मशान घाट के सामने खाली पड़ी जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहां सैकड़ों पेड़ लगे हैं।
‘पेड़ कटेंगे, हम कटेंगे’ के लगे नारे, पर्यावरण और सुरक्षा पर सवाल
पेड़ के बीच में जगह देने की बात कही गई। वहीं, यहां से हाईटेंशन लाइन भी गुजरी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने "पेड़ कटेंगे, हम कटेंगे" के नारे भी लगाए। कहा कि श्मशान घाट आने वाले अधिकांश लोग इसी स्थान पर अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं। यहां झुग्गी बसने से हरियाली के साथ खुला हुआ स्थान भी बंद हो जाएगा। प्रशासन की इस शिफ्टिंग नीति से अब स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है।