इस्लामाबाद: पाकिस्तान की कट्टरपंथी राजनीतिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (JUI-F) के प्रमुख फजलुर रहमान ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर पर सीधा हमला बोला है। मौलाना डीजल के नाम से मशहूर फजलुर रहमान ने आरोप लगाया कि सेना अपनी भूमिका से आगे बढ रही है और राजनीति में दखल दे रही है। जनरल मुनीर को चुनौती देते हुए फजलुर रहमान ने कहा कि अगर सैन्य नेतृत्व राजनीतिक भूमिका निभाना चाहता है तो उसे वर्दी छोड़कर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बलूचिस्तान पर पाकिस्तान का कंट्रोल नहीं है।
मुनीर को चुनाव लड़ने की चुनौती
पंजाब के कसूर में एक रैली को संबोधित करते हुए मौलाना रहमान ने आर्मी से कहा, "अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो वर्दी उतारकर आइए। चुनाव में हिस्सा लीजिए, पता चल जाएगा कि लोग वर्दी वालों को कितना वोट देते हैं।" रहमान ने आरोप लगाया कि सेना जिसे चाहती है उसे सत्ता देती है और जिसे नहीं चाहती, उससे हुकूमत छीन लेती है।
बलूचिस्तान पर पाकिस्तान ने खो दिया कंट्रोल
फजलुर रहमान ने सेना पर पाकिस्तान की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और देश की सुरक्षा स्थिति की गंभीर तस्वीर पेश की। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान के एक बड़े हिस्से पर पाकिस्तान अपना नियंत्रण खो चुका है। उन्होंने सवाल पूछा कि देश बिखर रहा है। शासन करने वाले कहां हैं
पाकिस्तानी सेना पर बोला हमला
उन्होंने सेना पर आरोप लगाया कि वह आम लोगों को हथियार उठाकर चरमपंथियों से लड़ने के लिए कह रही है, जो पीढ़ियों तक चलने वाली दुश्मनी को पैदा करेगा। रहमान ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना के जवान इसी बात की सैलरी ले रहे हैं क्योंकि उन्हें देश की सरहद के लिए लड़ना है। "हमें कहते हो कि तुम लश्कर निकालो, तुम हथियार लेकर लड़ो। मैंने कोई तनख्वाह नहीं ली है। मैं कोई लश्कर नहीं बनाऊंगा। तुम मेरी जमीन को आने वाली पीढ़ियों तक जाती दुश्मनी की तरफ धकेल रहे हो।"