रायपुर, बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले कृष्ण कुमार उर्फ केके श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 करोड़ रुपए की कथित कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।
कोर्ट ने उन्हें 7 अगस्त तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी उनसे कथित मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और शैल कंपनियों के जरिए करीब 300 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन समेत मामले के अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेंगे।
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि कथित कमीशन की रकम हवाला के जरिए अमेरिका समेत कई देशों में भेजी गई। वहां शैल कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाया गया।
इसके बाद भारत में केके श्रीवास्तव से जुड़े कथित नेटवर्क के जरिए जमीन, कंपनियों और अन्य कारोबार में निवेश किया गया। एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और धन के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।
विधानसभा थाने में भी दर्ज हुआ मामला
ED की कार्रवाई से पहले विधानसभा थाना पुलिस ने भी एक नया मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता संदीप सेठ ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक निजी कंपनी में डायरेक्टर बनाकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया।
इन दस्तावेजों के आधार पर मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खाते खोले गए। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं बैंक खातों के जरिए विदेश से धन का लेन-देन किया गया और उनका इस्तेमाल केके श्रीवास्तव से जुड़े वित्तीय लेन-देन में किया गया।
कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से शुरू हुई जांच
पूरा मामला दिल्ली के कारोबारी अशोक रावत की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि स्मार्ट सिटी और एनआरडीए के करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर केके श्रीवास्तव ने उनसे 15 करोड़ रुपए लिए थे।
ठेका नहीं मिलने पर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
ईडी को आधा दर्जन से ज्यादा शैल कंपनियों की जानकारी
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान ईडी को केके श्रीवास्तव और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक शैल कंपनियों की जानकारी मिली है। इन कंपनियों के बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपए के लेन-देन की जांच की जा रही है।
मामले में ईडी, ईओडब्ल्यू और पुलिस जांच कर रही हैं।