अजनार नदी की सफाई पर बिट्टू की रील ने मचाई सनसनी, मौके पर पहुंची नईदुनिया तो सामने आई गंदगी और दावों की हकीकत

राजगढ़/भोपाल : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के बीच से गुजरी अजनार नदी बेहद प्रदूषित है। पिछले दिनों शहर के एक छात् सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही ने इंटरनेट मीडिया पर इसकी सफाई का दावा कर सनसनी फैला दी। उसकी रील सराहना के साथ वायरल हो रही है।

नईदुनिया ने रविवार को ब्यावरा पहुंचकर खुद इसकी पड़ताल की तो अलग तस्वीर दिखी। गंदी नदी व्यावरा के लोगों की स्वच्छता के प्रति बेफिक्री और नगरीय निकाय की बेरुखी की साफ तस्वीर दिखा रही है। इस नदी की सफाई के लिए कोई एक बिट्टू काफी नहीं है, इसके लिए और बिट्टुओं के समर्पण और सरकार के सहयोग की जरूरत होगी।

बाढ़ के साथ बहकर आया कचरा

  • गंगा मंदिर के सामने के जिस हिस्से की तस्वीर बिट्टू ने डाली थी, एक नजर में देखने पर वह वैसी ही नजर आती है। लेकिन नदी की धारा के साथ आगे बढ़ने पर सच उतराता दिखने लगता है। गंगा मंदिर की दीवार किनारे मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ।
  • अस्पताल रोड के पुल के खंभों, रेलिंग और डक्ट में टनों कचरा फंसा साफ दिखता है। उससे नीचे डोल ग्यारस घाट के आसपास देसी शराब की पन्नियां व गंदगी पसरी पड़ी है। इंदौर नाका क्षेत्र में स्थित छोटे पुल में यह कचरा फंसा हुआ है। यह सारा कचरा 10 अगस्त की बाढ़ में नदी के बहाव के साथ नीचे की ओर आया है। यह तस्वीर खुद बता रही है कि नदी को प्रकृति ने अपने तरीके से भी साफ किया है।

रील के जरिए राष्ट्रीय फलक पर पहुंचा मुद्दा

  • छात्र "बिट्टू तबाही’ ने अपनी रील के जरिए अजनार के प्रदूषण को राष्ट्रीय फलक पर जरूर पहुंचा दिया है। उसकी कोशिशों से स्वच्छता का संदेश गया है। गंगा मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश मारू का कहना है कि वहां इतनी गंदगी रहती है, इस तरह सफाई करना बिना प्रशासन के सहयोग के संभव नहीं है।
  • नदी के किनारे रहने वाले श्याम दांगी बताते हैं कि रामेश्वर घाट के आसपास कुछ लोगों ने सफाई की थी, उसमें बिट्टू भी रहे होंगे, लेकिन उससे पूरी नदी साफ नहीं हुई। अभी बारिश के पानी की वजह से नदी कुछ साफ दिख रही है।

वर्षों से उपेक्षित है सुंदरीकरण की मांग

  • अजनार की स्वच्छता और सुंदरीकरण की मांग एक दशक पुरानी है। 2019 में पहली बार क्षेत्रीय विधायक ने विधानसभा में अजनार नदी के सुंदरीकरण का मुद्दा उठाया। लेकिन उन्हीं के सवाल पर दिसंबर 2021 में सरकार ने ऐसी किसी कार्ययोजना से इन्कार कर दिया।
  • 2022 में मुद्दा उठा तो कहा गया कि चार गंदे नालों को नदी में जाने से रोकने की डीपीआर बन रही है, लेकिन यह डीपीआर कभी सामने नहीं आई। अब एक एसटीपी बनाने की स्वीकृति मिली है।

बिट्टू की कोशिशों के भी निशान

इस दावे-प्रतिदावे के बीच कुछ ऐसे लोग भी मिले, जिन्होंने छात्र बिट्टू तबाही की कोशिशों की तस्दीक की। नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि पवन कुशवाहा ने बताया कि नगर पालिका समय-समय पर अजनार की सफाई करती रही है। दो माह पहले बिट्टू ने उनसे मशीनरी मांगी, जो हमने निश्शुल्क उपलब्ध कराई।


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