भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के दौरान VIP टिकटों की कालाबाजारी:4 और 6 हजार में बेची टिकट, पुलिस की मौजूदगी में चलता रहा खेल, MPCA पर उठे सवाल

इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार को भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मुकाबले के दौरान टिकटों की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया।

दैनिक भास्कर के स्टिंग में स्टेडियम के बाहर BCCI के मोस्ट एक्सपेंसिव पवेलियन के टिकट 3 हजार से 6 हजार रुपए तक में बेचते युवक नजर आए। इस श्रेणी के टिकट की कीमत 12,500 रुपए बताई गई। टिकट बेचने वालों ने VIP एंट्री और लंच सहित विशेष सुविधाएं मिलने का दावा किया।

एक मामले में टिकट खरीदने के बाद युवक के स्टेडियम के अंदर पहुंचने की बात भी सामने आई।

इस घटनाक्रम ने टिकट वितरण व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह है कि यदि ये टिकट विशेष अतिथियों के लिए आवंटित थे और आम बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं थे, तो वे खुले बाजार में कैसे पहुंचे? स्टेडियम के बाहर पुलिस की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बावजूद टिकटों की कथित अवैध बिक्री कैसे चलती रही?

₹12,500 का टिकट, ब्लैक में तीन अलग-अलग कीमतें

मोस्ट एक्सपेंसिव पवेलियन मैच की सबसे महंगी टिकट श्रेणी में शामिल है। इसमें VIP एंट्री के साथ लंच और विशेष हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं मिलने की बात कही गई।

भास्कर के स्टिंग में जंजीरवाला चौराहे के पास सपना सैंडविच के बाहर एक युवक ने यह टिकट 4 हजार रुपए में देने की बात कही। दूसरे युवक ने 6 हजार रुपए मांगे, जबकि तीसरा युवक 3 हजार रुपए में टिकट दिलाने का दावा कर रहा था।

स्टिंग-1: 4 हजार रुपए में टिकट, VIP एंट्री और लंच का दावा

जंजीरवाला चौराहे पर सपना सैंडविच के बाहर भास्कर रिपोर्टर ने टिकट खरीदने के लिए एक युवक से बातचीत की। युवक ने BCCI के VIP पवेलियन का टिकट 4 हजार रुपए में देने की बात कही। उसने दावा किया कि टिकट पर पूरी VIP एंट्री मिलेगी और लंच भी शामिल है।

युवक के मुताबिक, यह टिकट आम बिक्री के लिए नहीं, बल्कि BCCI की ओर से VIP लोगों के लिए बनाई गई है। रिपोर्टर ने बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड किया।

सवाल यह है कि यदि टिकट विशेष श्रेणी के लोगों के लिए था, तो वह खुले बाजार में बिक्री के लिए कैसे पहुंचा?

स्टिंग-2: 6 हजार रुपए में टिकट, खरीदने के बाद स्टेडियम पहुंचा युवक

होलकर स्टेडियम के बाहर जंजीरवाला चौराहे पर एक अन्य युवक BCCI के मोस्ट एक्सपेंसिव पवेलियन का टिकट 6 हजार रुपए में बेच रहा था। टिकट देखने पर वह सही नजर आया। इसके बाद दो टिकट खरीदे गए और खरीदार मैच देखने के लिए स्टेडियम के अंदर गया। इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया।

यह घटनाक्रम टिकटों के आवंटन और उनके वास्तविक उपयोग की जांच की जरूरत को रेखांकित करता है। हालांकि, टिकट की प्रामाणिकता और उसके आवंटन का रिकॉर्ड संबंधित अधिकारियों की जांच से ही स्पष्ट होगा।

स्टिंग-3: 3 हजार रुपए में टिकट दिलाने की बात

इसी इलाके में एक और युवक 3 हजार रुपए में टिकट दिलाने का दावा कर रहा था। उसने रिपोर्टर से कहा कि टिकट सामने की बिल्डिंग में मिलेगी और वह उसे वहां तक ले जा सकता है।

इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति भी टिकट खरीदने के लिए पहुंचा। मौके पर टिकट लेने के इच्छुक लोगों की भीड़ नजर आई। टिकट बेचने वाले इसे VIP टिकट बता रहे थे।

50 मीटर दूर बैरिकेडिंग, आसपास पुलिसकर्मी; फिर भी बिक्री कैसे?

टिकटों की कथित कालाबाजारी वाली जगह से करीब 50 मीटर दूर पुलिस ने वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जिस जगह युवक टिकट बेचते नजर आए, वहां भी पुलिसकर्मी मौजूद थे।

इसके बावजूद मौके पर करीब 15 से 20 युवकों के टिकट बेचने में सक्रिय होने की बात सामने आई। टिकट खरीदने के इच्छुक लोग भी वहां जुटते रहे।

इससे पुलिस की निगरानी और अवैध बिक्री रोकने के इंतजामों पर सवाल उठते हैं। क्या पुलिस को इस गतिविधि की जानकारी थी? यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी, तो सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कारोबार कैसे चलता रहा? इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

26,500 क्षमता वाले स्टेडियम में 16 हजार टिकट ऑनलाइन बिकीं

होलकर स्टेडियम की दर्शक क्षमता करीब 26,500 बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें से करीब 16 हजार टिकट ऑनलाइन बेची गईं। ऐसे में शेष टिकटों की संख्या, उनके आवंटन और वितरण की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

इन टिकटों में से कितने विशेष अतिथियों, प्रायोजकों या अन्य श्रेणियों के लिए रखे गए थे, इसका आधिकारिक ब्योरा सामने आना बाकी है।

टिकटों की कथित कालाबाजारी के मामले में यह जानकारी अहम है कि विशेष श्रेणी के टिकट कितनी संख्या में जारी किए गए, किन लोगों को आवंटित हुए और उनका इस्तेमाल किस तरह हुआ। केवल ऑनलाइन बिक्री के आंकड़े से बाकी टिकटों की वास्तविक स्थिति तय नहीं की जा सकती; इसके लिए आधिकारिक रिकॉर्ड जरूरी है।

आम क्रिकेट प्रेमियों को टिकट नहीं मिले, VIP टिकट बाहर बिकने का दावा

भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के टिकट पाने के लिए इंदौर सहित देशभर के क्रिकेट प्रेमी प्रयास कर रहे थे। कई लोगों को टिकट नहीं मिल पाए। दूसरी ओर, स्टेडियम के बाहर विशेष श्रेणी के टिकट 3 हजार से 6 हजार रुपए तक में बेचने के दावे सामने आए।

यही इस मामले का प्रमुख सवाल है कि यदि ये टिकट सीमित लोगों या विशेष अतिथियों के लिए जारी किए गए थे, तो बाहरी लोगों तक कैसे पहुंचे। टिकटों की संख्या, आवंटन और उनके इस्तेमाल के रिकॉर्ड की जांच से ही इस सवाल का जवाब मिल सकता है।

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