डिजिटल हुए ब्रह्मचारी:आर्ष गुरुकुल में वैदिक मंत्रों के साथ छात्र सीख रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर, फोटो व पेंटिंग एडिटिंग भी कर रहे

नर्मदापुरम, आर्ष गुरुकुल में वैदिक शिक्षा के साथ अब आधुनिक तकनीक भी पढ़ाई जा रही है। गुरुकुल में इस साल से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग सिखाया जा रहा है। परिसर में वाई-फाई लगाया गया है। शिक्षक और प्राचार्य मोबाइल का उपयोग करते हैं, लेकिन छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है। छात्र कंप्यूटर कक्ष में एआई और कंप्यूटर की ट्रेनिंग लेते हैं।

कक्षा 12 के ब्रह्मचारी वीर ने बताया कि रोज एआई और चैटजीपीटी के जरिए सवालों के जवाब और जानकारी लेना सिखाया जाता है। सुदामा आर्य ने कहा कि गूगल सर्च से विषयों पर सामग्री जुटाकर पढ़ाई में मदद मिलती है। आशीष आर्य के अनुसार एआई से फोटो और पेंटिंग एडिटिंग जैसे काम भी समझाए जा रहे हैं। शिक्षक बालकृष्ण दुबे ने बताया कि तकनीकी शिक्षा को पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है।

आर्ष गुरुकुल में दी जाती है वैदिक शिक्षा

आर्ष गुरुकुल में वेद, दर्शन, उपनिषद, योग, पुराण, व्याकरण की शिक्षा दी जाती है। शिष्य रोज क्लास में ये विषय सीखते हैं। दिनचर्या सुबह 4 बजे शुरू होती है। रोज यज्ञ होता है। अब धीरे-धीरे आधुनिक और तकनीकी ज्ञान भी सिखाया जा रहा है। गुरुकुल से पढ़कर निकले छात्र वैदिक प्रवक्ता बनते हैं। वे देश-विदेश में प्रवचन देते हैं। वे शिक्षक भी बनते हैं। गुरुकुल मप्र महर्षि पतंजली संस्कृत संस्थान से अटैच है। इससे परीक्षाएं होती हैं।

जम्मू, बिहार के शिष्य भी

प्राचार्य सत्यसिंधु आर्य ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश से 100 शिष्यों को यहां शिक्षा दी जा रही है। पहले यहां पढ़े शिष्य ऊंचे पदों पर हैं। पवन दवे आर्य दिल्ली में केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक हैं।

धनंजय आर्य बिहार के सासाराम में केंद्रीय विद्यालय में टीचर हैं। गुरुकुल के ऋचस्पति परिव्राजक ने बताया कि शिष्य गुरुकुल में रहकर पढ़ते हैं। परिजन समय-समय पर उत्सव के दौरान आते हैं। जरूरत होने पर शिष्य घर भी जाते हैं।

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