कोलकाता: क्या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएसफ) के डीजी प्रवीण कुमार पश्चिम बंगाल के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) होंगे। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वरा अवैध घुसपैठियों को बाहर करने के एक्शन के बाद दिल्ली में बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के चीफ को प्रवीण कुमार ने ही ब्रीफ किया। इसमें उन्होंने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की स्थिति पर भारत के रुख से अवगत कराया। ऐसा तब हुआ जब कई स्थानों पर बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश ने बीएसएफ के सामने प्रोटेस्ट किया। इससे तनाव की स्थिति बनी। सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस प्रवीण कुमार ने पिछले एक महीने में हुई घटनओं से जिक्र किया। प्रवीण कुमार बंगाल के नए डीजीपी बनने की रेस में सबसे आगे हैं
चार दिन चली कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस
दिल्ली में बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच 57वीं डायरेक्टर जनरल लेवल की बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस 8 से 11 जून तक चली। इसे बीएसएफ हेडक्वार्टर में आयोजित की गई। भारत की अगुवाई बीएसएफ चीफ प्रवीण कुमार ने किया। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BGB के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी ने किया। दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने सीमा पार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस और भारत-बांग्लादेश सीमा पर बेहतर तालमेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रवीण कुमार के नाम की है चर्चा
बंगाल सचिवालय नबान्ना में चर्चा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राजीव कुमार की तरह ही तेजतर्रार ऑफिसर की तलाश में हैं। इसमें पहला नाम प्रवीण कुमार है। वह 1993 बैच के आईपीएस हैं। वह आगे कार्यवाहक डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता की जगह ले सकते हैं। सिद्धनाथ गुप्ता सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्हें आयोग ने नियुक्त किया था, फिर उन्हें एक्सटेंशन दिया गया था। उनका विस्तारित कार्यकाल अक्टूबर तक है। आगे बंगाल को घुसपैठिया मुक्त करने का काम प्रवीण कुमार संभाल सकते हैं, क्योंकि वे अभी बीएसएफ की डीजी हैं अगर वे बंगाल की जिम्मेदारी संभालते हैं तो बेहतर स्थिति होगी। क्योंकि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली राज्य सरकार अवैध घुसपैठियों को बाहर करने के मुद्दे पर ‘जीराे टॉलरेंस’ की नीति से आगे बढ़ रही है। बंगाल पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई और बड़े पैमाने बांग्लादेशियों के लौटने से बांग्लादेश बौखलाया हुआ है।
डीजीपी के तौर खेल सकते हैं लंबी पारी
पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस प्रवीण कुमार अगर राज्य के डीजीपी बनते हैं तो वह लंबी पारी खेलेंगे। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ के डीजी प्रवीण कुमार जल्द ही फिर मौजूदा डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता का विस्तारित कार्यकाल पूरा होते ही अपने मूल पश्चिम बंगाल कैडर में लौट आएंगे। अगर ऐसा हुआ तो वह पश्चिम बंगाल के काफी आगे तक डीजीपी रह चुके हैं क्योंकि उनका रिटायरमेंट 2030 में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में रेगुलर डीजीपी की नियुक्ति हो चुकी है। बंगाल में अभी रेग्युलर डीजीपी की नियुक्ति शेष है। चुनावों में आयोग ने पीयूष पांडेय को हटाकर सिद्धनाथ गुप्ता को कमान दी थी।