भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है। बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही तबादला अवधि बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।
अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रस्तावित नीति के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
सरकार का मानना है कि इस नीति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल के विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव में किन-किन सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, इस पर अंतिम निर्णय कैबिनेट में लिया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
प्रदेश सरकार पहले ही मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की भर्ती जैसी पहल कर चुकी है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को गांव और शहर दोनों स्तर पर अधिक सुलभ और प्रभावी बनाना है।
तबादला अवधि बढ़ाने पर भी हो सकता है फैसला
कैबिनेट बैठक में तबादला अवधि बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार ने 1 जून से 15 जून तक तबादलों की अवधि तय की थी, लेकिन कई विभागों में अब तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
ऐसे में मंत्रियों और विभागों की मांग को देखते हुए तबादला अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आ सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कई बार संकेत दे चुके हैं कि इस बार तबादला अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
- इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी।
- वन्यजीव पर्यटन विकास से जुड़ी तीन नई योजनाओं को जारी रखने पर फैसला।
- गांवों के पुनर्वास के लिए मुआवजा स्वीकृति पर चर्चा।
- श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने का निर्णय।
- स्थानीय निधि संपरीक्षा (ऑडिट) से संबंधित योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी।
- हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार लोक निर्माण विभाग के एक मामले में पेंशन स्वीकृति।
- रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का आउटसोर्स प्रणाली से संचालन करने वाले पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी।
- सामाजिक न्याय विभाग की शासकीय संस्थाओं में मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष प्रकरण मानकर संविदा कर्मचारी घोषित करने का प्रस्ताव।