सीएम के उड़नखटोले ने तंबू उड़ाया, डर गए मंत्री-विधायक, अफसर:’सरकार’ आए तो चंद घंटों में बनी सड़क; सिंधिया के प्रोग्राम में कुर्सियां खाली

सीएम के उड़नखटोले ने मचाया तूफान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उड़नखटोले ने ऐसी एंट्री मारी कि तंबू ही उड़ गया। हेलिपैड पर सरकार के इंतजार में बैठे मंत्री, विधायक, सांसद और अफसर भी कुछ देर के लिए सहम गए। माहौल ऐसा बना कि नेता-अफसर खुद को संभालते नजर आए।

यह वाकया मुख्यमंत्री के हाल ही में हुए नरसिंहपुर दौरे का है। जिसका वीडियो सामने आया है। सीएम का हेलिकॉप्टर लैंड कर रहा था। उसके पंखों की हवा के तेज झोंके से वहां लगा तंबू उड़ गया। साथ ही धूल भी उड़ने लगी। ऐसा लगा मानो आंधी-तूफान आ गया हो।

सीएम का हेलिकॉप्टर आया तो स्वागत की तैयारी थी, लेकिन उसके साथ आए तूफान ने कुछ देर के लिए पूरे इंतजाम ही हिला दिए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।

अब इस वीडियो को लेकर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री के उड़नखटोले ने ऐसी एंट्री मारी कि तंबू तो उड़ा ही, कुछ देर के लिए नेताओं और अफसरों के होश भी उड़ गए। वे कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन सकते में आ गए।

सरकार आए तो सड़क हो गई चकाचक खुद मुख्यमंत्री आ रहे हैं, तो स्वागत में कोई कमी कैसे रह सकती है। सो, उनके आने से चंद घंटे पहले ही सड़क की सूरत बदल दी गई। जो सड़क बदहाल थी, जर्जर थी, उसे प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए चकाचक कर दिया।

दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुरैना पहुंचे थे। यहां उन्हें एक स्कूल का निरीक्षण करना था, लेकिन स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क की हालत ठीक नहीं थी। ऐसे में प्रशासन ने ऐसी तेजी दिखाई कि कुछ ही घंटों में सड़क की सेहत सुधार दी गई।

अब इस कवायद को लेकर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि सरकार बस यूं ही गांव-गांव, गली-गली घूम आए, तो सड़कों का कायाकल्प हो जाए। या फिर प्रशासन आम दिनों में भी सड़कों की इसी तरह सुध लें तो कुछ बात बने।

महाराज के कार्यक्रम में खाली कुर्सियां कुर्सियां तो पर्याप्त थीं, लेकिन बैठने वाले लोग ही कम पड़ गए। वैसे तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रमों में ऐसा नजारा कम ही देखने को मिलता है, लेकिन अशोकनगर में कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई हैरान रह गया।

दरअसल, सिंधिया अशोकनगर में जनप्रतिनिधियों की बैठक में पहुंचे थे। उम्मीद थी कि बैठक में जनप्रतिनिधियों की अच्छी-खासी मौजूदगी रहेगी, लेकिन वहां खाली कुर्सियां नजर आईं। महाराज मंच पर पहुंचे, तो इधर फजीहत से बचने के लिए खाली कुर्सियां समेटने की कवायद शुरू हो गई।

अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर महाराज के कार्यक्रम में कुर्सियां खाली क्यों रह गईं? क्या आयोजक जनप्रतिनिधियों की संख्या का सही अंदाजा नहीं लगा पाए या फिर जनप्रतिनिधियों ने ही बैठक में दिलचस्पी नहीं दिखाई?

कारण जो भी रहा हो, लेकिन महाराज के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों का यह नजारा चर्चा का विषय बन गया।

सिंधिया ने मुकुट पहनकर दिया भाषण केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग अंदाज देखने को मिला। अशोकनगर में वे जनजातीय सम्मेलन में पहुंचे, जहां आदिवासी परंपरा के मुताबिक उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सिंधिया को एक बड़ा सा मुकुट पहनाया गया।

खास बात यह रही कि सिंधिया पूरे कार्यक्रम में यह मुकुट पहने रहे। यहां तक कि उन्होंने मुकुट पहनकर ही भाषण भी दिया। उनके इस अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा।

अब सिंधिया के इस अंदाज पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि राजनीति भी गजब का मंच है, यहां जनता के जेहन में बने रहने के लिए नेताओं को कई रूप धरने पड़ते हैं। कभी महाराज वाला अंदाज, तो कभी परंपराओं के रंग में रंगा चेहरा।

कलेक्टर को अपनी विदाई का इंतजार हाल ही में जारी आईएएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट में एक कलेक्टर की छुट्टी हो गई। लेकिन आदेश जारी होने के तीन दिन बाद भी कलेक्टर को अपनी सम्मानजनक विदाई का इंतजार है। मगर, इसका कोई सीन अब तक नजर नहीं आ रहा है।

जब कलेक्टर को लगा कि यह तो फजीहत जैसी बात है, तो उन्होंने अपने स्टाफ से विदाई समारोह आयोजित करने को कहा। कलेक्टर के खास जब दूसरे अधिकारी-कर्मचारियों के बीच पहुंचे, तो कोई भी इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

दरअसल, अधिकारी को पहले ही यह अहसास हो गया था कि उनकी विदाई सूखी ही रहने वाली है। हद तो तब हो गई, जब ट्रांसफर लिस्ट में इस कलेक्टर का नाम आया, तो आधी रात को ही खुशी के मारे कुछ लोगों ने पटाखे तक फोड़ दिए।

अब अगर कलेक्टर का विदाई समारोह नहीं होता है, तो विदाई की यह परंपरा भी टूट जाएगी।

इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), आकाश कौरव (नरसिंहपुर), दुष्यंत सिकरवार (मुरैना), संजीव यादव (अशोक नगर)

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