US में खूब घटी क्रूड ऑयल इंवेंट्री तो महंगा हुआ कच्चा तेल, यहां का पेट्रोल-डीजल रेट जानिए

नई दिल्ली: अमेरिका के एनर्जी इंर्फोमेशन एडमिनिस्ट्रेशन (U.S. Energy Information Administration) ने बीते 10 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह की रिपोर्ट दे दी है। इसके मुताबिक अब अमेरकिा में क्रूड ऑयल की इंवेंट्री (Crude Oil Inventory) घट कर 1.7 मिलियन बैरल रह गई है। यह बीते पांच साल के औसत इंवेंट्री से 6% कम है। मतलब कि अब अमेरिका में अब इंवेंट्री को औसत पर लाने के लिए भंडार भरा जाएगा। इसी कयास में एक बार फिर से कच्चे तेल का बाजार गर्म हुआ है। लेकिन, भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी गुरुवार, 16 जुलाई 2026, को भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया। यहां 25 मई 2026 के बाद इनके दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

51 दिनों से बदलाव नहीं

अपने यहां पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ही पेट्रोलियम कंपनियां इस साल मई में चार बार दाम बढ़ा चुकी है। ऐसा महज 11 दिनों में हुआ था। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 पैसे महंगा किया था। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे, 23 मई 2026 को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे और 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा किया था। उसके बाद आज 51वां दिन है, जबकि दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

4 महानगरों में पेट्रोल का दाम

तेल कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये है।

डीजल की कीमत क्या है

सरकारी ऑयल कंपनियों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में डीजल का प्रति लीटर दाम 95.20 रुपये है। कोलकाता में यह 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है। कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी बढ़ोतरी हुई है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह करीब 50 फीसदी महंगा हो गया है।

क्रूड ऑयल फिर महंगा

पश्चिम एशिया में हालात तो बिगड़े ही हुए हैं। इस बीच, अमेरिका के एनर्जी इंर्फोमेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) की बीते 10 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह की रिपोर्ट आ गई है। इसके मुताबिक अब अमेरकिा में क्रूड ऑयल की इंवेंट्री घट कर 1.7 मिलियन बैरल रह गई है। यह बीते पांच साल के औसत इंवेंट्री से छह फीसदी कम है। कल ही जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच 564,000 barrels की इंवेंट्री कम हुई है। इससे कयास लगाया जा रहा है कि अब अमेरिका में इंवेंट्री को औसत पर लाने के लिए भंडार तेजी से भरा जाएगा। इसी वजह से एक बार फिर कच्चे तेल का बाजार गर्म हुआ। गुरुवार को अरली ट्रेड में भी तेजी ही दिखी। बाजार खुलते समय स्टेंडर्ड माने जाने वाला Brent Crude 0.34% या 0.29 डॉलर बढ़ कर 85.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड हो रहा था। अमेरिकी WTI Crude भी 0.52% या 0.41 डॉलर चढ़ कर 80.01 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।

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