महंगे फोन और कम डिस्काउंट ने बिगाड़ा खेल, Amazon-Flipkart की फेस्टिव सेल में 12% तक गिरावट

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग की रफ्तार इस बार धीमी पड़ गई है। अमेजन और फ्लिपकार्ट की फेस्टिव सेल के शुरुआती 10 दिनों में डिलीवरी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10-12% कम रही। इसकी वजह स्मार्टफोन, लैपटॉप और होम अप्लायंस की बढ़ती कीमतें और कम डिस्काउंट मानी जा रही है।

ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट की कीमतें 30-40% तक बढ़ी हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इससे ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं या सस्ते विकल्प चुन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस दौरान क्विक कॉमर्स की सेल में तेजी देखी गई है।

शुरुआती दिनों में भी बिक्री कमजोर

काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक 2026 की फेस्टिव ई-कॉमर्स सेल के शुरुआती दौर में स्मार्टफोन की यूनिट बिक्री सालाना आधार पर 16% घट गई। खासकर महंगे आईफोन और सैमसंग स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ने से इनकी मांग प्रभावित हुई है।

बिक्री घटने के मुख्य कारण

इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन महंगे होना

  • पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन, लैपटॉप और होम एप्लायंसेज की कीमतों में 30% से 40% की बढ़ोतरी हुई है।
  • कंपोनेंट्स की कमी और रिसोर्सेज को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ डायवर्ट किए जाने के कारण ये उत्पाद महंगे हुए हैं।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, सेल के शुरुआती दिनों में प्रीमियम स्मार्टफोन (जैसे आईफोन और सैमसंग) की बिक्री में 16% की गिरावट देखी गई है।

छूट में कमी और महंगाई

  • ब्रांड्स और विक्रेताओं ने कच्चे माल के बढ़ते दामों के कारण प्रचार-प्रसार और छूट पर होने वाले खर्च में कटौती की है।
  • इस साल औसतन डिस्काउंट पिछले साल की तुलना में 35% से 40% तक कम हैं।
  • सितंबर में भारत में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% तक पहुंच गई, जिससे ग्राहकों का बजट प्रभावित हुआ है।

व्यापार में गिरावट

  • आंकड़ों के अनुसार सेल के शुरुआती 4 दिनों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का कुल व्यापार (GMV) में गिरावट आई।
  • इन शुरुआती 4 दिनों में जीएमवी लगभग 29,800 करोड़ रुपये से 30,900 करोड़ रुपये रहा। वहीं पिछले साल इसी अवधि में यह 33,200 करोड़ रुपये था।

अमेजन ने बिक्री बढ़ने का किया दावा

अमेजन इंडिया के मुताबिक, Great Indian Festival 2026 के शुरुआती चरण में वेबसाइट पर 44 करोड़ से ज्यादा विजिट दर्ज किए गए। इनमें 72% से अधिक विजिट टॉप 9 महानगरों के बाहर से आए। कंपनी ने बताया कि सेल के पहले 24 घंटों में ऑर्डर की गई यूनिट की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा रही, जबकि कुल बिकने वाले प्रोडक्ट की संख्या 70% से अधिक बढ़ी।

हालांकि, कुछ ब्रांड्स ने शुरुआती तेजी के बाद बिक्री घटने की बात कही। होम और पर्सनल केयर ब्रांड Beco के मुताबिक 8 अक्टूबर को सेल शुरू होने पर बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले 4 से 4.5 गुना थी, लेकिन बाद में घटकर 1.7 से 1.8 गुना रह गई।

युद्ध का दिखाई दिया असर

ब्रांड्स के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल फेस्टिव सेल में औसत डिस्काउंट पिछले साल से 35 से 40% कम है। कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण कंपनियां प्रमोशन और विज्ञापन पर खर्च घटा रही हैं। युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भी कारोबार पर पड़ रहा है।

एक लॉजिस्टिक्स कंपनी के अधिकारी के मुताबिक, इस फेस्टिव सीजन में शिपमेंट करीब 10% बढ़ा है, जबकि पिछले साल 18-20% की वृद्धि हुई थी। दूसरी ओर, लगेज ब्रांड Nasher Miles के को-फाउंडर लोकेश डागा ने कहा कि सप्लाई संबंधी दिक्कतों के कारण कंपनी की ग्रोथ इस बार सपाट रही।

दिवाली तक बिक्री बढ़ने की उम्मीद

कुछ ब्रांड्स को उम्मीद है कि दिवाली तक खरीदारी में तेजी आएगी। इस साल दशहरा 20-21 अक्टूबर और दिवाली 8 नवंबर को है, जिससे ग्राहकों को खरीदारी के लिए लंबा समय मिल सकता है।

ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड पिलग्रिम के फाउंडर अनुराग केडिया के मुताबिक, कंपनी ने ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स सहित सभी बिक्री माध्यमों पर इस फेस्टिव सीजन में सालाना आधार पर 70 से 80% ग्रोथ दर्ज की है। कुछ क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री 5 से 6 गुना बढ़ी है।

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