भोपाल, डिजिटल दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी ढेरों जानकारी उपलब्ध है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में कंटेंट भ्रामक या अधूरा होता है। कई मरीज ऑपरेशन या इलाज के बाद इन्हीं गलत टिप्स के आधार पर एक्सरसाइज और उपचार शुरू कर देते हैं, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का फोकस अब मरीजों को गलत इलाज से बचाने पर फोकस कर रहे हैं। इसी दिशा में राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने आर्थो रिहैब एप तैयार किया है। ऑर्थोपेडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष गोहिया ने कहा कि इस एप का उद्देश्य ऑपरेशन के बाद मरीजों को सामान्य और सही जानकारी देना है, ताकि वे घर पर भी एक्सरसाइज और चिकित्सीय सलाहों का सही तरीके से पालन कर सकें।
सोशल मीडिया के भरोसे इलाज बन रहा खतरा
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी हर किसी के लिए एक जैसी होती है, जबकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है। ऐसे में एक ही तरह की एक्सरसाइज सभी पर लागू नहीं होती। कई मामलों में देखा गया है कि मरीज गलत तरीके से एक्सरसाइज करने के कारण और ज्यादा चोटिल हो गए या उनकी रिकवरी में देरी हुई। यही वजह है कि विशेषज्ञ लंबे समय से प्रमाणिक और पर्सनलाइज्ड गाइडेंस की जरूरत महसूस कर रहे थे।
डॉक्टरों ने तैयार किया वैज्ञानिक समाधान
इस जरूरत को समझते हुए गांधी मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. सुदीप त्रिपाठी ने ‘आर्थो रिहैब एप’ विकसित किया है। यह एप खासतौर पर उन मरीजों के लिए तैयार किया गया है, जिनका हड्डी से जुड़ा ऑपरेशन हुआ है। इसमें 200 से अधिक सर्जरी से संबंधित जानकारी, एक्सरसाइज और देखभाल के तरीके वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट फॉर्मेट में शामिल किए गए हैं।
हर मरीज को मिलेगी जरूरत के अनुसार जानकारी
इस एप की सबसे खास बात यह है कि इसमें मरीज खुद से लॉगिन नहीं कर सकता। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ही मरीज का रजिस्ट्रेशन करते हैं और उसकी सर्जरी के अनुसार जरूरी जानकारी अपलोड करते हैं। इससे मरीज को केवल वही जानकारी मिलती है, जो उसके लिए जरूरी और सुरक्षित है। इससे भ्रम की स्थिति खत्म होती है और इलाज अधिक प्रभावी बनता है।
डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीजों को लंबे समय तक एक्सरसाइज करनी होती है। अस्पताल में दी गई सलाह मरीज घर जाकर भूल जाते हैं और कई बार गलत तरीके अपनाते हैं। इस एप के जरिए उन्हें हर समय सही मार्गदर्शन मिलता रहेगा, जिससे गलत एक्सरसाइज से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।