जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में सरकारी वकीलों की नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी के आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने सरकार को साफ निर्देश दिया है कि इन नियुक्तियों से जुड़ी चयन प्रक्रिया का पूरा मूल रिकॉर्ड अदालत में पेश किया जाए।
कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त तय की है। कोर्ट ने इस दौरान महाधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश भी जारी किए हैं।