तेहरान: ईरान ने कहा है कि अमेरिका का बातचीत के दौरान हमले करने का पुराना इतिहास रहा है। ऐसे में उनको अमेरिका के किसी वादे पर कोई भरोसा नहीं है और वह किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए अपनी तैयारी में जुटे है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने शुक्रवार को यह बातें कही हैं। गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-ईरान के एक-दूसरे पर हमलों से पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।
अमेरिका पर भरोसा नहीं: गालिबाफ
गालिबाफ ने कहा, ‘बातचीत के दौरान मैंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को साफतौर पर बता दिया था कि हमें आप पर जरा भी भरोसा नहीं है। मेरी नजर में सिर्फ वही लोग अमेरिका के साथ बातचीत कर सकते हैं जो युद्ध के लिए तैयार हों। ऐसे में हमने अपने देश की रक्षा की तैयारी कभी नहीं रोकी है।’ईरानी नेता ने कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं लेकिन अमेरिका की ओर से गड़बड़ होगी तो फिर हम उसी तरह जवाब देंगे, जैसे अब तक देते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जिस पल अमेरिकी किसी भी समझौते से मुकरेंगे, हम पूरी तरह से बचाव के लिए तैयार रहेंगे। हम उनके खिलाफ मजबूती से खड़े होंगे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों की मांग करेंगे।’
ट्रंप ने कही समझौता तोड़ने की बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल ही में कहा है कि वॉशिंगटन ने तेहरान के अनुरोध पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है लेकिन अमेरिका दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष-विराम को खत्म मानता है। हम बातचीत करेंगे लेकिन अमेरिका ने उन्हें साफ-साफ कह दिया है कि संघर्ष-विराम अब नहीं है।