रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की कीट विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। जांच में पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज से सामने आया है।
पुलिस ने मामले में एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कुछ छात्रों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस आज पूरे मामले का खुलासा करेगी।
20 अगस्त को IGKV की कीट विज्ञान की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र वॉट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था। पेपर वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित कर दी थी। मामले की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई थी।
चार जिलों में दबिश देकर पकड़े आरोपी
पुलिस ने जांच के दौरान रायपुर के अलावा दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में दबिश दी। तकनीकी जांच, मोबाइल और वॉट्सऐप चैट के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंच बनाई।
इसके बाद प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आशंका है कि प्रश्नपत्र पहले दुर्ग के निजी कॉलेज से बाहर निकला और इसके बाद वॉट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।
16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
जांच में कुछ छात्रों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक भेजा गया। मामले में अब तक 16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
कवर्धा के दो छात्रों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल चैट और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CM साय ने दिए सख्त जांच के निर्देश
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चैट की जांच के आधार पर कार्रवाई तेज की। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार किया है।