तीरंदाजी में भारत ने साउथ कोरिया को चित कर जीता 8वां गोल्ड, ओलंपिक 2028 कोटा भी मिला

नागोया: चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया जबकि भारतीय महिला टीम ने भी इसी स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इस तरह भारत की दोनों टीम ने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में जीते अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।

रोमांचक मुकाबले का फैसला शूट आउट में हुआ

चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की फांगयाओ एफ वेई और जिनयी लियू ने कांस्य पदक जीता। भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था।

बेटियों ने दिलाया आर्चरी का पहला गोल्ड

इससे पहले ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले स्कोर के साथ एशियाई खेलों का अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। ज्योति पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

जीत के बाद पृथिका ने क्या कहा?

फाइनल के बाद पृथिका ने कहा, ‘हम एक-दूसरे को आगे बढ़ाते रहे और लगातार कहते रहे कि हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। अगर हमारे में से किसी का एक खराब शॉट, यानी नौ अंक का निशाना भी लगा तो हमने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और कहा कि जो आपको सबसे अच्छा आता है उसी पर वापस ध्यान दो और उसी पर ध्यान बनाए रखो।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि यह बड़ा टूर्नामेंट है लेकिन आखिरकार सामने वही लोग होते हैं और मुझे वही तीरंदाजी करनी होती है। इसलिए ईमानदारी से कहूं तो मेरा ध्यान सिर्फ इसी पर था। हालांकि अपनी टीम की साथियों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है।’

भारतीय कंपाउंड महिला टीम ने फाइनल में दबदबा कायम रखते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। दक्षिण कोरिया ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में यह स्कोर बनाया था। चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं जिन्होंने रजत पदक जीता।

कैसे मिली गोल्ड मेडस मैच में जीत

  • भारत ने यहां ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
  • दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर कांस्य पदक जीता।
  • फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने शानदार शुरुआत की और लगातार परफेक्ट 10 के निशाने लगाते हुए पहला चरण 60-58 से अपने नाम किया।
  • गत चैंपियन भारतीय टीम ने दबदबा जारी रखते हुए दूसरा चरण भी 60-58 से जीता और अपनी बढ़त बढ़ाई।
  • इसके बाद अंतिम चरण से पहले भारत कुल 178-176 से आगे था।
  • दबाव में चीन की टीम ने दो बार नौ अंक हासिल किए जबकि भारत ने छह परफेक्ट 10 के साथ एक और शानदार चरण पूरा किया।
  • इस तरह भारतीय टीम ने ना केवल अपना खिताब बरकरार रखा बल्कि विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी की।
  • भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले सत्र में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।
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