पटना: बिहार में जबसे जदयू का भीतरी संग्राम मीडिया के कैमरे में कैद होने लगा है, राजनीतिक गलियारों में बीजेपी की उस ‘बक्र दृष्टि’ की चर्चा होने लगी है, जो वर्ष 2025 विधानसभा से पहले पड़ने लगी थी। हालांकि तब बीजेपी के 89 विधायकों के बरक्स जदयू के 85 विधायकों का चुनकर आने से बीजेपी की उम्मीद पर पानी फिर गया। लेकिन जब से नीतीश कुमार के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी गई और स्वास्थ भी उनका साथ नहीं दे रहा है, जदयू से धीरे-धीरे नीतीश कुमार का प्रभाव कम होता जा रहा है। इस प्रभाहीनता का असर जदयू के कद्दावर नेताओं पर भी दिखने लगा है। टुकड़ों-टुकड़ों में बंटे जदयू के भीतर क्या कुछ चल रहा है, जानिए…
याद कीजिए जे पी नड्डा का बयान
बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक जनसभा को संबोधित करते कहा था कि एक दिन देश से सभी क्षेत्रीय पार्टियां खत्म हो जाएंगी और केवल भारतीय जनता पार्टी ही बचेगी। ऐसा इसलिए कि बीजेपी सिद्धांतों पर चलती है। अगर पार्टी इसी तरह काम करती रही, तो वंशवाद और परिवारवाद वाली क्षेत्रीय पार्टियां धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगी। रही कांग्रेस तो, यह दल 40 साल भी लगाकर हमारे बराबर नहीं खड़ी हो सकती है। हम जिस तरह की पार्टी हैं, वो दो दिनों में नहीं बनती है। हमारी पार्टी की विचारधारा इतनी मजबूत है कि लोग 20 साल दूसरी पार्टियों में रहकर हमारी पार्टी में आ रहे हैं।