‘अगर शोर-शराबा न हो, तो मजा नहीं आता’, संन्यास की अफवाहों पर रोहित शर्मा का पहला रिएक्शन आया सामने

लंदन: लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे में भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 27 रनों से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, रोहित शर्मा बेहतरीन लय में दिखाई दिए और उन्होंने 138 रनों की दमदार पारी खेली। मैच के बाद रोहित ने अपने संन्यास को लेकर चल रही तमाम तरह की अफवाहों को भी खारिज कर दिया है। रोहित ने कहा कि बाहरी शोर-शराबे ने उन्हें कभी भी टीम की सफलता में योगदान देने से नहीं रोका है। अपने पूरे करियर के दौरान लगातार हो रही आलोचनाओं और चर्चाओं पर बात करते हुए रोहित ने साफ किया कि भविष्य को लेकर हो रही बातों के बावजूद उनका ध्यान नहीं भटका है।

रोहित शर्मा ने कही ये बात

बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में रोहित ने कहा, ‘मेरा काम बल्ले से खेलना है। मैदान पर उतरना, अपने देश और टीम का प्रतिनिधित्व करना। मैंने जब से डेब्यू किया है, मुझे यही करने के लिए कहा गया है। इसी वजह से मैं यही करता रहूंगा। आप जानते हैं कि जब से मैंने डेब्यू किया है, तब से ही शोर-शराबा होता रहा है और जब तक मैं यहां रहूंगा, यह हमेशा होता रहेगा। इसी कारण मुझे इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता।’ पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, ‘मेरे लिए मायने यह रखता है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं। मैं टीम की सफलता में योगदान देने की कोशिश करता हूं। अभी मेरा पूरा ध्यान इसी पर है और शोर-शराबे को होने दें। आप जानते हैं कि अगर शोर-शराबा न हो, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर है, उनका काम बाहर है। इसे इसी नजरिए से देखता हूं।’

रोहित शर्मा की दमदार पारी

रोहित वनडे में लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 17 चौके और 5 छक्के लगाए। हालांकि, वह भारतीय टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे। रोहित ने कहा कि अगर भारत इस रन चेज को सफलतापूर्वक पूरा करता, तो एक और नया रिकॉर्ड कायम होता। उन्होंने कहा, ‘नतीजे से थोड़ी निराशा हुई, क्योंकि मुझे लगा कि हम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे। बर्मिंघम में हमने जिस तरह से शुरुआत की, वह बहुत अच्छा था। असल में, कार्डिफ में हम बल्लेबाजी में थोड़े पीछे रह गए। स्कोरबोर्ड पर काफी रन नहीं थे। और फिर यहां भी हमें एक बहुत बड़ा स्कोर चेज करना था। हमने बल्लेबाजी में पूरी कोशिश की, लेकिन फिर भी 20-25 रन पीछे रह गए।’

भारतीय गेंदबाजों के बचाव में उतरे रोहित

रोहित ने भारतीय टीम के गेंदबाजों का बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘जब गेंदबाजों की बात आती है, तो आपको यह समझना होगा कि इन खिलाड़ियों ने ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। आपको उन्हें थोड़ा समय देना होगा। हालांकि, उम्मीद है कि हम इस मैच से सीखेंगे। इसे सकारात्मक रूप से लेंगे। यह पक्का करेंगे कि जब हम ऐसी स्थिति में आएं, तो हम बेहतर करने की कोशिश करें।’ यह मानते हुए कि भारत के अनुभवहीन गेंदबाजी अटैक के लिए यह मैच मुश्किल रहा, रोहित ने धैर्य रखने की अपील की और जोर दिया कि इस सीरीज को टीम के लिए एक झटके के बजाय सीखने के अनुभव के तौर पर देखा जाना चाहिए। 39 साल के रोहित ने विराट कोहली के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही बल्लेबाजी साझेदारी के बारे में भी बात की। रोहित और कोहली ने वनडे में एक साथ 8,000 से अधिक रन बनाए हैं और वे वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां करने वाली दूसरी सबसे सफल जोड़ी बन गए हैं। उन्होंने रविवार को लॉर्ड्स में अपनी 21वीं शतकीय साझेदारी पूरी की, जो सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली (26) के बाद ऑल-टाइम लिस्ट में दूसरे नंबर पर है।

विराट कोहली को लेकर कही ये बात

इसके अलावा, रोहित-कोहली की जोड़ी एक साथ 400 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी भी बनी। इंटरनेशनल क्रिकेट में लगभग दो दशक एक साथ बिताने के बाद, रोहित ने कहा कि उनकी आपसी समझ टीम की ताकतों में से एक बनी हुई है। उन्होंने कगा कि ‘हमने अपना पूरा करियर एक साथ खेला है। आप जानते हैं कि उनके साथ मैदान पर होना अच्छा लगता है। हमारी कई साझेदारियां रही हैं। इसके साथ में कोहली संग बल्लेबाजी करने में हमेशा मजा आता है। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। मैदान पर एक-दूसरे के साथ विचार साझा करना और यह देखना कि हम क्या कर सकते हैं, हमेशा अच्छा लगता है।’

Spread the love