मथुरा: मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर 2023 में भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे। वहां उन्होंने कन्हैया और बृजवासी की महिमा के बारे में बताया। तीन साल बाद इस पूरे आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देवकीनंदन ठाकुर ने बताया कि सभी तीर्थों में घूमने के बाद जब वह वृंदावन आए तब उनके मन को शांति मिली।
वीडियो में देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं- धन के लोभ में लोग अब अपने बच्चों को भी बेच रहे हैं। घर-घर में क्लेश है। कोई भी गृहस्थी चैन में नहीं है। यह देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। मैं अनेकों तीर्थों में गया पर तीर्थों में भी मुझे शांति नहीं मिली। इसके बाद मैं वृंदावन पहुंचा। तब मुझे चैन मिला।
कथावाचक ने आगे कहा- वृंदावन में भक्ति जवान है और ज्ञान बैराग्य बूढ़े। ये अचेत अवस्था में पड़े हैं। मां जवान हैं और पुत्र बुजुर्ग हैं। भक्ति मां कहती हैं कि यही मेरे दुख का कारण हैं। लोग मुझसे कहते हैं कि ये कैसी मां है जो खुद तो जवान है पर इसके पुत्र वृद्ध हैं। ये मेरे दुख का कारण है। मैं करूं तो क्या करूं।
देवकीनंदन ठाकुर ने कार्यक्रम में मौजूद भक्तों से पूछा- मैं आपसे क्यों कहता हूं कि किसी बृजवासी की उंगली पकड़ो। इसको ऐसे समझो कि अगर प्रधानमंत्री के किसी रिश्तेदारी से आपकी दोस्ती हो जाए तो प्रधानमंत्री से भी आपकी नजदीकी हो जाएगी कि नहीं।
‘कन्हैया किसी से रिश्ता नहीं तोड़ते’
ठाकुर ने आगे कहा- अब कन्हैया से हमारा सीधा संबंध नहीं है तो क्या करें। ऐसे में जो कन्हैया के रिश्तेदार हैं बृजवासी उनका हाथ पकड़ लो। जितने ढंग से बृजवासी कन्हैया को गाली दे सकते हैं ना कोई नहीं दे सकता। इस संसार में हर कोई अपने स्वार्थ से रिश्ता बनाता और तोड़ता है। अगर भगवान किसी से रिश्ता बनाते हैं तो तोड़ते तो कभी नहीं हैं। ये सौभाग्य है कि हमारा संबंध कन्हैया से है। हम बृजवासी हैं।