नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 25 जुलाई को सरकार झुकी और धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। आंदोलनकारी सीजेपी के लिए यह बड़ी उपलब्धि रही। प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों पर सरकार की सहमति के बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया और जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल हो गया। हालांकि आंदोलन खत्म होने के तुरंत बाद ही कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यूट्यूबर मेघनाद ने सीजेपी नेतृत्व पर आरोप लगाया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जब कॉकरोच जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जश्न मना रहे थे, उसी दौरान जंतर-मंतर पर कई प्रदर्शनकारी और वालंटियर्स खाने, ठहरने और अन्य जरूरी सामानों के लिए भटक रहे थे। इंस्टाग्राम पर मौजूद सीजेपी के नेताओं के नाचने और जश्न मनाने के वीडियो पर मेघनाद की यह टिप्पणी सामने आई है।
40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को वापस घर भेजने का दावा
उन्होंने दावा किया कि हमने 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को वापस घर भेजने की व्यवस्था की है। साथ ही 60 से अधिक लोगों को खाना खिलाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 दिनों से आंदोलन को कवर कर रहे 4 पत्रकारों को भी घर भेजा है, जिनके पास पैसे की कमी थी।
मेघनाद के दावों के बाद सोशल मीडिया पर सीजेपी को लेकर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने सवाल उठाए कि जिन लोगों ने एक महीने तक आंदोलन को समर्थन दिया, क्या आंदोलन समाप्त होने के बाद उनकी पर्याप्त देखभाल की गई।
सौरव दास ने क्या कहा?
विवाद पर इंडिया टुडे से बात करते हुए सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जिस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, वह करीब 150-200 वालंटियर्स का आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित बैठक थी। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व आंदोलन में शामिल लोगों की मदद और उनके साथ बातचीत में भी लगा हुआ था।
जुनैद ने भी उठाए सवाल
सीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के व्यवहार को लेकर सिर्फ मेघनाद ही नहीं, बल्कि कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। सीजेपी को जुनैद के साथ किए गए बर्ताव को लेकर भी सवालों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जुनैद ने लंबे समय तक प्रदर्शनकारियों के लिए खाने की व्यवस्था की। आलोचकों ने सवाल उठाया कि जब CJP नेता जश्न मना रहे थे, तब जुनैद को कथित तौर पर हिरासत में क्यों रखा गया।