भोपाल। बिजली कंपनी की लापरवाही के चलते अपना हाथ गंवा चुका सीहोर का एक युवा किसान न्याय की आस में हाथ ठेले पर लेटकर भोपाल संभाग कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। पीड़ित परिजनों ने प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर शासन से आर्थिक मुआवजे और सरकारी नौकरी की गुहार लगाई है।
करंट की चपेट में आया था सतीश
मामला सीहोर जिले के भरवेली गांव का है। किसान नेता एमएस मेवाड़ा ने बताया कि 18 जून को युवा किसान सतीश खेत में काम कर रहा था। खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही थी। ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बावजूद लाइन दुरुस्त नहीं की गई, जिससे सतीश करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे सतीश का इलाज के दौरान एक हाथ काटना पड़ा, जबकि उसका एक पैर भी काम नहीं कर रहा है।
किराए के ठेले पर लेटकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचा
सतीश के पिता प्रहलाद सिंह ने बताया कि बेटे के महंगे इलाज में खेत की जमीन तक बिक गई। पिछले तीन महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिले। बेबसी के चलते वे बस से सतीश को नादरा बस स्टैंड लाए और वहां से किराए के ठेले पर लिटाकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर भारती देवी मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया, जिन्होंने जांच दल गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है।