इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने वाली पार्टी JAAC (जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी) ने पिछले तीन दिनों की रैली में कम से कम 40 लोगों के मारे जाने की बात कही है। JAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान मिलिट्री-ग्रेड हथियारों का इस्तेमाल किया है
पीओके में पाकिस्तानी सेना ने किया कत्लेआम
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले 2 महीने से प्रदर्शन चल रहे हैं जिसे कुचलने के लिए असीम मुनीर की आर्मी ने बेरहमी की हर हदों को पार कर दिया है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके को जंग के मैदान में तब्दील कर दिया है और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई हैं। पीओके में पिछले 2 महीने में 100 से ज्यादा लोगों की पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक कश्मीरी महिला ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहां के निवासियों का समर्थन करने और उनकी आवाज को बुलंद करने की अपील की है।न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीरी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले तीन दिनों में करीब 40 लोगों की मौत हुई है जिनमें से करीब 20 मौतें मीरपुर में हुईं। हालांकि उन्होंने कहा कि मरने वालों की सही संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा ‘हमें लगभग 40 लोगों के शहीद होने की खबर मिली है। मीरपुर में भी करीब 20 लोग शहीद हुए हैं। अभी पक्की संख्या पता नहीं है लेकिन इन तीन दिनों में कुल मिलाकर लगभग 40 लोग शहीद हुए हैं। हमारे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।’
जनाजे के लिए रोकी गई मुजफ्फराबाद के लिए रैली
कश्मीरी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अपना शांतिपूर्ण लॉन्ग मार्च जारी रखने की कोशिश की थी और बड़ी संख्या में लोग मुजफ्फराबाद की सीमा से आगे बढ़ गए थे। उन्होंने कहा ‘हमने अपनी शांतिपूर्ण लंबी मार्च जारी रखने की कोशिश की जो कुछ समय के लिए रुक गई थी। शांतिपूर्ण तरीके से हमारे लाखों लोग मुजफ्फराबाद की सीमा पार करके आगे बढ़े।’ उन्होंने बताया कि बाद में मार्च को रोक दिया गया क्योंकि गोलीबारी में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार और दफनाने की प्रक्रिया पूरी करनी थी।