रोम: इटली की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल की समन अब्बास की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए माता-पिता समेत परिवार के 4 सदस्यों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। वहीं, उसके चाचा को भी 22 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही इटली के सबसे चर्चित ऑनल किलिंग मामले का समापन हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने समन के पिता शब्बर अब्बास, मां नाजिया शाहीन, चचेरे भाइयों एजाज एकराम और नोमान उल हक की उम्रकैद की सजा को बनाए रखने की पुष्टि की।
मेलोनी ने कहा न्याय की खोज का अंत
कोर्ट ने समन के चाचा दानिश हसनैन को सुनाई गई 22 साल की जेल की सजा को भी बरकरार रखा। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसे न्याय की एक दर्दनाक कहानी का अंत बताया है। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "कोई भी फैसला उसकी जान वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह सही है कि इस बर्बर अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को दोषी ठहराया गया है।"
समन अब्बास के साथ क्या हुआ था?
समन अब्बास पाकिस्तानी मूल की 18 साल की युवती थी, जिसकी उसके ही परिवार वालों ने साल 2021 में उत्तरी इटली के नोवेल्लारा शहर में हत्या कर दी थी। उसकी हत्या इसलिए कर दी गई, क्योंकि उसने पाकिस्तान में अपने चचेरे भाई से शादी करने से इनकार कर दिया था। मौत से पहले समन ने इटली की सोशल सर्विस से सुरक्षा मांगी थी और 2020 के आखिर में उसे एक शेल्टर होम में रखा गया। उसने शिकायत में माता-पिता से भी अपनी सुरक्षा को खतरा बताया था। लेकिन अप्रैल 2021 में वह परिवार के साथ रहने वापस चली गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
मामले तब सामने आया जब 5 मई 2021 को पुलिस परिवार के पास पहुंची तो देखा कि घर खाली था। अधिकारियों को पता चला कि समन के माता-पिता अपनी बेटी के बिना ही पाकिस्तान चले गए थे। अधिकारियों को बाद में 29 अप्रैल 2021 का एक सिक्योरिटी कैमरा फुटेज मिला, जिसमें पांच लोग फावड़े, एक लोहे की छड़ और बाल्टी लेकर घर से बाहर निकलते और कुछ घंटे बाद वापस लौटते दिखे। पुलिस के लिए यह फुटेज हत्या की जांच में अहम सबूत बन गया। बाद में पाकिस्तान की सरकार ने समन की हत्या के आरोपियों को इटली प्रत्यर्पित कर दिया।