विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर BMHRC भोपाल में जागरूकता का संदेश
अपना बुलेटिन, भोपाल
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC), भोपाल में फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास के महत्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस वर्ष की थीम “हृदय संबंधी रोग एवं स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन एवं पुनर्वास में फिजियोथेरेपिस्ट एवं शारीरिक गतिविधि की भूमिका” है।
इस अवसर पर डॉ. असलम जमाली, पर्यवेक्षक, फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन यूनिट, BMHRC भोपाल ने कहा कि हृदय रोग और स्ट्रोक आज गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं, जिनकी रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन में नियमित शारीरिक गतिविधि तथा फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
फिजियोथेरेपी केवल बीमारी के बाद पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। नियमित एवं सुरक्षित व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और उचित मार्गदर्शन से हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को कम करने तथा शारीरिक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
स्ट्रोक के बाद फिजियोथेरेपी मरीज की मांसपेशियों की शक्ति, संतुलन, चलने-फिरने की क्षमता, समन्वय और दैनिक कार्यों में स्वतंत्रता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं कार्डियक रिहैबिलिटेशन के माध्यम से हृदय रोग से उबर रहे मरीजों को सुरक्षित एवं क्रमबद्ध तरीके से शारीरिक सक्रियता की ओर लौटने में सहायता मिलती है।
डॉ. जमाली ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि “शारीरिक रूप से सक्रिय रहना स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोकथाम, उपचार और पुनर्वास—हर स्तर पर फिजियोथेरेपिस्ट स्वास्थ्य सेवा टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।”
उन्होंने लोगों से नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाने, निष्क्रिय जीवनशैली से बचने तथा किसी भी बीमारी की स्थिति में योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेने का आग्रह किया।
डॉ. असलम जमाली (PT)
पर्यवेक्षक, फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन यूनिट
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, भोपाल