भोपाल में पहली ही आंधी में बिखर गया बिजली तंत्र, 300 से अधिक कॉलोनियों में अंधेरा, 10 घंटे बत्ती गुल रहने पर चक्का जाम

भोपाल। प्री-मानसून की पहली तेज आंधी और बारिश ने राजधानी की बिजली व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। एक ओर संत हिरदाराम नगर में भीषण गर्मी के बीच करीब 10 घंटे तक बिजली गुल रहने से नाराज लोगों ने देर रात बस स्टैंड क्षेत्र में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर भोपाल शहर की 300 से अधिक कॉलोनियां चार से आठ घंटे तक अंधेरे में डूबी रहीं। बिजली बाधित होने से कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई और कुछ घरों में गंदा व मटमैला पानी पहुंचा।

बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति ठप

संत हिरदाराम नगर में गुरुवार शाम बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद होने से लोगों को पूरी रात उमस और गर्मी में गुजारनी पड़ी। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में रहवासी देर रात बस स्टैंड पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कराया।

स्थानीय निवासी संतोष यादव के अनुसार क्षेत्र में करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बिजली समस्या को लेकर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। कांग्रेस प्रवक्ता महेश गुरबानी ने बिजली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

पहली ही आंधी में बिखर गया बिजली तंत्र

गुरुवार शाम करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी और बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में पेड़ बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और सब-स्टेशनों पर गिर गए। इसके चलते करीब 200 फीडरों में बड़े और छोटे फाल्ट आ गए। शाम छह बजे से लेकर रात एक बजे तक पवन होम्स, कोहेफिजा, करोंद, शंकराचार्य धाम, द्वारका धाम, सेंट्रल जेल परिसर, लालघाटी, गांधी नगर सहित 300 से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।

कई इलाकों में लोगों को आठ से दस घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ा। कोलार के दानिश कुंज सहित कई क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग और कटौती से दैनिक कार्य प्रभावित हुए।

शिकायत प्रणाली भी हुई फेल

बिजली संकट के दौरान उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने में भी परेशानी हुई। बिजली कंपनी के व्हाट्सएप शिकायत नंबर पर संदेश भेजने पर "समथिंग वेंट रॉन्ग, प्लीज ट्राय अगेन आफ्टर सम टाइम" का संदेश आ रहा था। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई।

मेंटेनेंस के दावों पर उठे सवाल

बिजली कंपनी पिछले कई महीनों से रखरखाव और सुधार कार्यों के नाम पर विभिन्न इलाकों में चार से आठ घंटे तक बिजली कटौती कर रही थी। दावा किया जा रहा था कि प्री-मानसून तैयारियों के तहत नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है। लेकिन पहली ही आंधी में व्यवस्था चरमरा जाने से इन दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

एमपी नगर, बैरागढ़, जहांगीराबाद, नीलबड़, अवधपुरी, कोलार, कटारा हिल्स, नर्मदापुरम रोड, लिंक रोड, शिवाजी नगर, बाग मुगलिया, गोविंदपुरा, श्यामला हिल्स, अयोध्या बायपास, तुलसी नगर और बिट्टन मार्केट सहित कई क्षेत्रों में पांच घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।

निगम ने पहले ही दे दी थी अनुमति

भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के अनुसार बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई के लिए निगम ने एक जनवरी 2026 को ही अनुमति प्रदान कर दी थी। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक छंटाई और तैयारी नहीं किए जाने पर अब बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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