भोपाल। सावन में पूजा और घरों में उपयोग होने वाले दूध-घी से लेकर पनीर और मावे तक में मिलावट का बड़ा खेल सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष अभियान में प्रदेशभर से लिए गए 2,605 लीगल नमूनों में से अब तक 680 की जांच रिपोर्ट आई है।
इनमें 73 नमूने अमानक और 25 असुरक्षित मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली स्थिति घी की है। गोवर्धन, द्वारकेश, शगुन, भूमि, दानेदार, धोलपुर फ्रेश, वास्तु और गोपीश्री सहित कई ब्रांड के घी के नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए हैं। रिपोर्ट में घी में पाम ऑयल, वेजिटेबल फैट सहित अन्य मिलावट की पुष्टि हुई है। असुरक्षित घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
44,407 लीटर दूध जब्त
आयुक्त खाद्य सुरक्षा के निर्देश पर 20 जुलाई से 25 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान में खाद्य सुरक्षा टीमों ने करीब 44,407 लीटर दूध और दूध से बने उत्पाद जब्त किए। प्रदेशभर में कार्रवाई के दौरान करीब 11.73 लाख किलो खाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत 5.61 करोड़ रुपये है, जब्त की गई।
विभाग ने 2,605 लीगल के अलावा 2,037 सर्विलांस नमूने भी लिए। यानी कुल 4,642 नमूनों की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
राजधानी में घी सबसे बड़ा संदिग्ध
भोपाल में चले अभियान में घी की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक सामने आई है। 13 नमूने असुरक्षित मिले हैं। जांच में पाम ऑयल, वेजिटेबल फैट और सीसे जैसी मिलावट सामने आने की जानकारी दी गई है।
विभाग अब संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश करेगा। अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ छह महीने तक की सजा का प्रावधान है।
601 घी, 296 पनीर और 106 मावे के नमूने
अभियान में 25 दिन के भीतर 849 दूध, 601 घी, 296 पनीर, 106 मावा और 382 अन्य दूध उत्पादों के नमूने लिए गए। बाजार में बिक रहे 25 से ज्यादा संदिग्ध घी ब्रांड भी जांच के घेरे में हैं। अमानक पाए गए ब्रांडों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की तैयारी है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार मिलावट पाए जाने पर 18 लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन निरस्त किए गए हैं, जबकि धारा 32 के तहत 172 नोटिस जारी किए गए।