चालान में खुलासा:पुलिस ने ट्विशा का कमरा सील किया, छत के गेट पर सिर्फ कुंडी लगाई, अगले दिन यह खुला मिला

भोपाल, ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ पेश सीबीआई के चालान में पुलिस जांच को लेकर कई बातें सामने आई हैं।

चालान में दर्ज गवाहों के मुताबिक, घटना के बाद इमरजेंसी में ट्विशा की जांच करने वाले डॉक्टरों के बयान पुलिस ने नहीं लिए। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से भी पूछताछ नहीं की गई। डॉक्टरों ने सीबीआई को यह जानकारी दी है।

चालान के अनुसार, घटना की रात एसआई दिनेश शर्मा गिरिबाला के घर पहुंचे और छत व पहली मंजिल स्थित ट्विशा के कमरे की जांच की। ट्विशा का कमरा सील किया गया, लेकिन छत के गेट पर सिर्फ कुंडी लगाई गई। अगले दिन 13 मई को एफएसएल अधिकारी एके बरौनिया टीम के साथ पहुंचे तो छत का गेट खुला मिला। इस दौरान आरोपी घर में ही मौजूद थे।

  • सीबीआई को सीसीटीवी फुटेज और वॉट्सएप चैट में पुख्ता सबूत मिले हैं कि ट्विशा से घर में कोई बात नहीं करता था। ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे। ट्विशा पर घर से बाहर जाने पर पाबंदी गई थी। ट्विशा की डाइट और मेडिकल केयर का ध्यान नहीं रखा जाता था।
  • समर्थ और गिरिबाला उसे पैसे नहीं देते थे।
  • ट्विशा की डायरी से पता चलता है कि वह बहुत महत्वाकांक्षी थी। उसके स्केच जेन टेंगल प्रकार के थे। यह तनाव कम करने के लिए ध्यान लगाने जैसा था। समर्थ उसे अनदेखा कर रहा था।

2 लाख कैश लिए तब बारात बढ़ी

शादी में बारात एक गेस्ट हाउस में रुकी थी। गिरिबाला ने ट्विशा के घरवालों को कॉल कर गेस्ट हाउस बुलाया। यहां ट्विशा की मां और ट्विशा पहुंचे थे और अंदर कमरे में गए थे। बाहर निकलने पर ट्विशा ने कहा था कि उसे शादी नहीं करनी है।

गिरिबाला ट्विशा के घरवालों से 50 लाख रुपए की मांग कर रही थी। ट्विशा के पिता ने उन्हें समझाया कि अभी उनके पास सिर्फ 2 लाख रुपए हैं। कई बार अनुरोध पर गिरिबाला ने 2 लाख लिए बारात बढ़ाई।

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