हैदराबाद: राजीव गांधी स्टेडियम में बुधवार को पंजाब किंग्स के फील्डर्स ने जो किया, उसने दिग्गज रिकी पोंटिंग को शर्मसार कर दिया। मैच के 10वें ओवर के आसपास जब पोंटिंग लाइव इंटरव्यू दे रहे थे, ठीक उसी वक्त लॉकी फर्ग्यूसन ने ईशान किशन का एक आसान सा कैच टपका दिया। इससे ठीक पहले कूपर कॉनोली और शशांक सिंह भी लड्डू कैच छोड़ चुके थे। पोंटिंग इतने गुस्से में थे कि उन्होंने लाइव कमेंट्री में कह दिया, ‘मेरा मन कर रहा है कि मैं हाथ में पकड़ा यह माइक्रोफोन मैदान पर फेंक दूं।’ कोच की यह हताशा जायज थी, क्योंकि उन्होंने टाइमआउट के दौरान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों को प्रेरित करने की कोशिश की थी, लेकिन नतीजा कुछ नहीं रहा।
भरोसेमंद हाथ अब बने कैच ड्रॉप मशीन
पंजाब के लिए सबसे बड़ी चिंता शशांक सिंह की फॉर्म रही है। पिछले कुछ सीजन में अपनी फील्डिंग के लिए मशहूर रहे शशांक के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने जैसा रहा है। हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने युजवेंद्र चहल की गेंद पर हेनरिक क्लासें का सिटर छोड़ा। पिछले तीन मैचों में यह उनका पांचवां कैच ड्रॉप था। पोंटिंग ने हालांकि उनके प्रति सहानुभूति दिखाई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे कैच छूटने का वायरस शशांक के पीछे हाथ धोकर पड़ गया है। हैमस्ट्रिंग की चोट से वापसी करने के बाद शशांक लगातार हाई-कैच के नीचे संघर्ष कर रहे हैं, जिससे टीम का मनोबल गिर रहा है।
चहल की बेबसी और पंजाब की बेदिली
मैदान पर सबसे ज्यादा बुरा हाल अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल का था। पहले शशांक ने क्लासें का कैच छोड़ा, फिर फर्ग्यूसन ने किशन को जीवनदान दिया और रही-सही कसर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने स्टंपिंग का मौका छोड़कर पूरी कर दी। अपने खिलाड़ियों की इस बेदिली को देखकर चहल मैदान पर ही घुटनों के बल बैठ गए और अपना सिर पकड़ लिया। पोंटिंग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने पिछली रात ही फ्लडलाइट्स के नीचे कैचिंग की कड़ी प्रैक्टिस की थी, इसलिए इन गलतियों का कोई बहाना नहीं हो सकता। फील्डर्स की इन गलतियों ने गेंदबाजों की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।
गलतियों की भारी कीमत, क्लासन और किशन का कहर
हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पंजाब की इन गलतियों का भरपूर फायदा उठाया। ईशान किशन ने मिले दो जीवनदानों की मदद से 55 रनों की पारी खेली, जबकि हेनरिक क्लासन ने मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर पंजाब को मैच से बाहर कर दिया। इन कैचों की बदौलत ही हैदराबाद की टीम मात्र 17.1 ओवर में 200 का आंकड़ा पार करने में सफल रही और एक विशाल स्कोर खड़ा किया। पोंटिंग के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस कैच ड्रॉप वायरस को रोकना है, वरना पंजाब का प्लेऑफ का सपना इन गिरते हुए कैचों के साथ ही दफन हो जाएगा।