शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.15 करोड़ की ठगी का खुलासा, गुजरात-महाराष्ट्र-एमपी से 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े मामले दर्ज हैं।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रकम को होल्ड अथवा जब्त करने की कार्रवाई की है।

69 लाख की ठगी में सूरत से दो आरोपी गिरफ्तार
पहले मामले में पलारी निवासी डागेश चंद्राकर ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने का झांसा देकर 69 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। थाना पलारी में अपराध क्रमांक 383/24 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि शुभम चौहान और साबले प्रेम विश्वास ने फर्जी कंपनी और फर्जी सिम के माध्यम से अपने साथियों की मदद से फर्जी बैंक खातों में रकम जमा कराई थी। पुलिस के मुताबिक इन खातों के संबंध में अलग-अलग राज्यों के 20 से अधिक थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को सूरत, गुजरात से गिरफ्तार किया गया।

12 लाख की ठगी, जबलपुर से आरोपी पकड़ा गया
दूसरे मामले में मुकेश विश्वकर्मा से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी की गई थी। भाटापारा सिटी थाने में अपराध क्रमांक 513/24 दर्ज किया गया।

जांच के बाद पुलिस ने अनुज सेन को जबलपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार कटनी निवासी अनुज सेन जबलपुर और इंदौर जाकर फर्जी कंपनियां बनाता था और उन्हीं कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साथियों के साथ साइबर ठगी करता था।

34 लाख की ठगी में महाराष्ट्र का आरोपी गिरफ्तार
तीसरे मामले में वेदप्रकाश बघेल से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे के नाम पर 34 लाख रुपये की ठगी की गई थी। मंदिर हसौद थाने में अपराध क्रमांक 659/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल के दौरान विक्की लक्ष्मीचंद राहंगडाले, निवासी गोंदिया महाराष्ट्र, की भूमिका सामने आई। आरोप है कि उसने फर्जी कंपनी और सिम के माध्यम से साथियों के साथ मिलकर जयपुर राजस्थान में फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम जमा कराई।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई से शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को निशाना बनाने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।

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