अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर होने वाली चोरियों को पुलिस की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखने का फैसला किया है।
मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों की पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे धार्मिक स्थलों से जुड़े अपराधों पर विशेष ध्यान दें। ऐसे मामलों की तुरंत जांच करें। सरकार का स्पष्ट मानना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस का फोकस गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी गए सामान की बरामदगी पर भी होना चाहिए।
चार जिलों में पुलिस ने सुलझाए बड़े मामले
सरकार के इन सख्त निर्देशों के बाद पुलिस भी एक्शन मोड में है। इसी महीने पुलिस ने पांढुर्ना, छतरपुर, धार और बड़वानी जिलों में मंदिरों में चोरी के चार बड़े मामलों को सुलझाने में सफलता पाई है। पुलिस ने इन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी की गई मूर्तियां, आभूषण, दान पेटियां और अन्य धार्मिक सामग्री भी सफलतापूर्वक बरामद की है।
पांढुर्ना और छतरपुर में पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- पांढुर्ना में 22 अगस्त को तीन मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं, जिन्हें पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7 मूर्तियां, मुकुट, घंटियां, दान पेटियां और लगभग 56,849 रुपये नकद बरामद किए गए।
धार और बड़वानी में लाखों का माल बरामद
- धार जिले में पुलिस ने 22 अगस्त को एक प्रमुख मंदिर में हुई चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए करीब 2.30 लाख रुपये का माल बरामद किया है। इसमें चांदी के मुकुट, बालियां, तीन छत्र और अन्य आभूषण शामिल हैं।
- इसके अलावा, बड़वानी के मंगलनाथ हनुमान मंदिर में 21 अगस्त को हुई चोरी के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से महाराष्ट्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी गई दान पेटी और अन्य सामग्री मिली है।
भोपाल में पकड़ा गया था 50 हजार का इनामी सरगना
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर यह सख्ती जुलाई में भोपाल पुलिस द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई के बाद देखने को मिली है। जुलाई में भोपाल पुलिस ने छह सदस्यों वाले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा था, जो भोपाल, रायसेन और विदिशा के मंदिरों को निशाना बनाता था।