भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी के समय देश का विभाजन भारत के इतिहास की बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि जिस दिन देश आजाद हुआ, उसी दिन विभाजन की नींव भी रख दी गई थी। विभाजन के दौरान 40 हजार से अधिक लोगों ने अपने प्राण गंवाए थे।
सीएम ने ये बात श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को कही। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन और षड्यंत्रों के खिलाफ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मजबूती से आवाज उठाई थी। भारत की अखंडता और एकता के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। "एक देश में दो विधान" जैसी विसंगति को समाप्त करने का श्रेय भी डॉ. मुखर्जी के संघर्ष को जाता है।
इससे पहले सीएम डॉ मोहन यादव ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा कार्यालय के सामने पं श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। भाजपा 23 जून से 6 जुलाई तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी। 23 जून श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है वहीं 6 जुलाई को उनका जन्मदिन मनाया जाता है।
UCC में 10 लाख से ज्यादा सुझाव आए
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में वंदे मातरम् का पूरा स्वरूप साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) की भावना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार भी काम कर रही है। इसके लिए प्रदेशभर में सभी वर्गों और धर्मों के लोगों से सुझाव लिए गए हैं और सरकार को 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" है। मध्यप्रदेश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर आगे बढ़ेगा और राष्ट्र की एकता, अखंडता व सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
पार्टी में अर्श और फर्श का अंतर नहीं
उन्होंने भाजपा संगठन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में अर्श और फर्श का अंतर नहीं है, यहां हर कार्यकर्ता को समान सम्मान दिया जाता है। राष्ट्रहित और समाजहित के लिए सभी मिलकर कार्य कर रहे हैं।
बूथ स्तर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम
इस अभियान के दौरान सभी बूथों पर बूथ समिति के सदस्यों, प्राथमिक सदस्यों और शुभचिंतकों की उपस्थिति में 23 जून या 6 जुलाई को पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम बूथ अध्यक्ष के निवास परिसर में आयोजित किया जा सकता है, जहां डॉ. मुखर्जी का सुसज्जित चित्र स्थापित कर उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा में योगदान पर संक्षिप्त भाषण दिया जाएगा।
जिला कार्यकर्ता सम्मेलन
सभी जिलों में जिला कार्यकर्ता सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में तीन अलग-अलग वक्ताओं द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान, केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी भूमिका, और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनके योगदान जैसे तीन प्रमुख विषयों पर उद्बोधन दिया जाएगा।
छात्र सम्मेलन युवा मोर्चा आयोजित करेगा
प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शैक्षणिक परिसरों (कैंपस) के बाहर आयोजित किए जाएंगे और इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
नामकरण और प्रतिमा अनावरण
प्रत्येक नगर और शहर में किसी प्रमुख चौराहे, उद्यान (पार्क) अथवा मार्ग का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा। इसके साथ ही, कई स्थानों पर उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी किया जा सकता है।
चूंकि, मानसून पूरे देश में सक्रिय हो चुका है, इसलिए इस संस्मरण पक्ष के दौरान प्रत्येक बूथ पर सार्थक और प्रभावी रूप से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा।
सांगठनिक टोलियों का गठन
इस पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक प्रदेश में 5 सदस्यों की एक टोली गठित की जाएगी, जिसमें एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को संयोजक बनाया जाएगा। इसी तरह प्रत्येक जिले में 4 सदस्यों की टोली और प्रत्येक मंडल स्तर पर 3 सदस्यों की टोली का गठन किया जाएगा। मध्य प्रदेश में इस कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और संचालन की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह संभाल रहे हैं।