विपक्ष की कुर्सी बचाने की जद्दोजेहदः प्रशांत किशोर के खौफ और सियासी झटकों से ‘सुपर एक्टिव’ हुए तेजस्वी

पटनाः बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जो नई राजनीतिक हलचल मचाई है उन पर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित महाकाव्य रामचरितमानस के सुंदरकांड के दोहे की यह पंक्ति- ‘भय बिनु होइ न प्रीति’, काफी सटीक बैठती है। इतना तो मानना होगा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज के नायक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर राजनीति का काफी भला किया है। बीजेपी के ओवर कॉन्फिडेंस को औकात दिखाई तो राष्ट्रीय जनता दल के युवराज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मन के भीतर यह डर भी पैदा कर दी कि विपक्ष की कुर्सी भी उनके लिए सुरक्षित नहीं है। जानिए तेजस्वी यादव के उस भय को जिसने उन्हें ओवर एक्टिव कर दिया।

पारिवारिक दूरिया खत्म कर मजबूत हो रहे हैं तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब यह समझने लगे हैं कि उनके समर्थक पारिवारिक मतभिन्नता नहीं चाहते हैं। तेजस्वी यादव ने इस और कदम बढ़ाया भी। बिहार बंद और नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान तेज प्रताप भी उनके साथ हो लिए। सम्राट सरकार ने तेजप्रताप को प्रदर्शनकारियों को उकसाने और हिंसा के आरोप में 25 जुलाई 2026 की रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया बाद में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया। तब तेजस्वी यादव का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने सम्राट सरकार को चेतावनी दी कि कल तक मेरे भाई तेजस्वी यादव और गिरफ्तार किए गए कई छात्रों को आरोप मुक्त कर नहीं छोड़ा गया तो बड़े आंदोलन झेलने को सरकार तैयार रहे। और जब तेजस्वी यादव ने सिवान एके 47 मामले में जब लोकभवन मार्च निकाला तो सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया तो बड़े भाई तेजप्रताप ने सरकार से तेजस्वी को छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि नहीं छोड़ा तो सरकार बड़ा आंदोलन झेलने को तैयार रहे।

गर्दनीबाग को जंतर मंतर बनाने की जद्दोजेहद

राष्ट्रीय जनता दल के युवराज तेजस्वी यादव इन दिनों राजनीतिक दाव पेंच के साथ ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। उनकी निगाह सीएम सम्राट चौधरी सरकार की हर उस गलत कदम को या यों कह ले जनता के क्षोभ को पकड़ना शुरू कर दिया है। और वे सरकार के विरुद्ध आक्रोशित जनता के साथ खड़े होने की कोशिश करने लगे हैं। तेजस्वी यादव ने इधर ऐसे ऐसे कई दृश्य बनाए हैं जो उन्हें विपक्ष की भूमिका के प्रति सचेत होंने की वकालत करता है।

शुक्रवार गर्दनीबाग पहुंचे तेजस्वी

तेजस्वी यादव शुक्रवार(21अगस्त) को पुनः पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन देने पहुंच गए। पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से तेजस्वी मिले। उन्हें आश्वासन दिया कि वे आपकी लड़ाई के साथ हैं। आपकी जो भी मांगे हैं उन्हें सम्राट सरकार तक पहुंचाने का काम करेंगे। इस छात्र विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि अभी यहां पहुंचा हूं। तेजस्वी ने युवाओं को भरोसा दिया है कि उनकी हर मांग सरकार को मानने पर मजबूर करेंगे।

बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव हारने के बाद यह दूसरी बार है जब तेजस्वी यादव गर्दनीबाग दूसरी बार पहुंचे। पहली बार (18 अगस्त 2026) वे गर्दनीबाग पहुंचे। 18अगस्त को तेजस्वी यादव ने धरनास्थल पर पहुंचकर बीपीएससी टीआरई और अन्य भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की मांगें सुनीं और उनका समर्थन किया। यह हाल के दिनों में पहली बार देखा गया कि तेजस्वी यादव ने जमीन पर धरना दे रहे छात्रों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और अधिकारियों को फोन से हड़काया।

सिवान एके 47 मामले पर गरजे

सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा एके-47 से फायरिंग के मामले पर भी राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव सम्राट सरकार पर हमलावर रहे। आरजेडी नेताओं ने लोकभवन मार्च निकाला। यह मार्च इतना प्रभावशाली था कि पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल तक करना पड़ा। तेजस्वी यादव समेत कई राजद नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं। तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर हमले भी किए। नतीजतन छात्रों पर गोली चलाने और एके-47 का इस्तेमाल करने वाले सिपाही को निलंबित किया गया। अधिकारियों का तत्काल तबादला भी किया।

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