‘वोकल फॉर लोकल’ से मिल रही नई पहचान, सरोज पाण्डेय ने बुनकरों का बढ़ाया उत्साह

दुर्ग । राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर दुर्ग के निजी होटल में आयोजित हथकरघा प्रदर्शनी में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए पारंपरिक एवं आधुनिक डिजाइनों से तैयार हस्तकरघा उत्पादों की सराहना की और बुनकरों से संवाद कर उनके कार्यों की प्रशंसा की।

सरोज पाण्डेय ने कहा कि भारत की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा है। हथकरघा उद्योग न केवल देश की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों के माध्यम से हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने बुनकरों की समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को गंभीरता से सुना तथा भरोसा दिलाया कि सरकार हथकरघा क्षेत्र के विकास, आधुनिकीकरण और बेहतर विपणन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम नागरिकों से भी स्वदेशी और हस्तनिर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को अपनाकर ही उनकी कला, परंपरा और रोजगार को सशक्त बनाया जा सकता है।

इस प्रदर्शनी ने स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने हस्तनिर्मित उत्पादों में रुचि दिखाई।

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