‘तालिबान के उकसावे का देंगे कड़ा जवाब’, पाकिस्तान की अफगानिस्तान को खुली धमकी, बॉर्डर पर तनाव

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच एक बार फिर बड़े संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन पर बिना उकसावे के अफगानिस्तान बॉर्डर पर गोलीबारी करने का आरोप लगाते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विदेशी मीडिया प्रवक्ता मुशर्फ जैदी ने मंगलवार देर रात इस बारे में जानकारी दी। जैदी ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि अफगान तालिबान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा के तोरखम और तिराह सब-सेक्टर में फायरिंग शुरू की। उन्होंने आगे कहा कि इस हमले का पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाब दिया, जिससे अफगान पक्ष चुप हो गया।

पाकिस्तान की तालिबान को धमकी

पाकिस्तानी पीएम के प्रवक्ता ने आगे चेतावनी दी और कहा कि किसी भी उकसावे पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगान बलों ने बॉर्डर पॉइंट पर बिना उकसावे के गोलीबारी शुरी कर दी। अफगान सेना की गोलीबारी का मकसद आतंकवादियों को बॉर्डर पार करके पाकिस्तान में घुसने में मदद करना था।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव

इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव का नया दौर पाकिस्तान के अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ है। पाकिस्तानी फाइटर जेट ने अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका इलाके में 7 ठिकानों पर हमले किए थे। पाकिस्तान ने कहा था कि उसने टीटीपी और ISIS से जुड़े ठिकाने पर हमले किए थे, जिसमें 80 से ज्यादा चरमपंथी मारे गए। हालांकि, काबुल के तालिबान शासन ने कहा था कि हमले में आम लोगों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोगों की मौत हुई।

तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और धमकी की कि सही समय और सही तरीके से इसका जवाब लिया जाएगा। इसके पहले अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर पर एक सप्ताह तक सीधा सैन्य टकराव हुआ था। उस समय पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद तालिबान बलों ने बॉर्डर पार कर धावा बोल दिया था। एक सप्ताह तक चली लड़ाई में दोनों तरफ से सैकड़ों लोग मारे गए थे। एक हप्ते तक चले संघर्ष के बाद तुर्की और कतर की मध्यस्थता में दोनों देशों ने सीजफायर डील की थी।
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