नई दिल्ली: लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्काई स्पोर्ट्स पर प्रसारित 18 मिनट के एक इंटरव्यू ने उस समय भारी विवाद खड़ा कर दिया जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच रोकने तक की धमकी दे डाली। पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल एथरटन द्वारा पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम के साथ लिए गए इस इंटरव्यू में केवल क्रिकेट पर चर्चा नहीं हुई बल्कि जेल में बंद इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर खुलासे किए गए। पीसीबी के कड़े विरोध के बावजूद, लंच ब्रेक के समय इस इंटरव्यू को ऑन-एयर किया गया जिसके बाद ही समझा जा सका कि आखिर बोर्ड इसे रोकने के लिए इतना बेताब क्यों था।
इमरान खान के बेटों ने क्या आरोप लगाया
इस इंटरव्यू का सबसे चौंकाने वाला और गंभीर हिस्सा वह था जब सुलेमान ने पाकिस्तानी प्रशासन पर सीधा और संगीन आरोप लगाया। उन्होंने अपने पिता के खिलाफ 2022 में हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए कहा, ‘वे वहां अंदर जो कर रहे हैं वह बिल्कुल साफ है वे साफ तौर पर उन्हें मार डालने की कोशिश कर रहे हैं। वे बस उन्हें जब तक संभव हो अंदर रखना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी आवाज को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए।’ किसी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स चैनल पर इस तरह का बयान आना पाकिस्तानी सत्ता और प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा करने जैसा था।
पिता के हालात पर जताई चिंता
इसके अलावा, इमरान खान के बेटों ने अडियाला जेल में अपने पिता की बिगड़ती हालत पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। सुलेमान का दावा था कि उनके पिता को दिन में 23 घंटे से अधिक समय तक एकांत कारावास (आइसोलेशन) में रखा जा रहा है और उनकी एक आंख की रोशनी लगभग 80 प्रतिशत तक कम हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद उन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र डॉक्टरों से इलाज नहीं मिलने दिया जा रहा है। सुलेमान ने कहा, ‘एक निष्पक्ष, स्वतंत्र चिकित्सक द्वारा उनकी ठीक से जांच नहीं की गई है। इससे हमें सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि वे क्या छुपा रहे हैं? वे किसी तटस्थ डॉक्टर को रिपोर्ट देने की अनुमति देने से इतने डरे हुए क्यों हैं?’
2022 के बाद पिता को देखा तक नहीं
पारिवारिक दर्द और दूरी को साझा करते हुए दोनों भाइयों ने बताया कि नवंबर 2022 के हमले के बाद से उन्होंने अपने पिता को सामने से नहीं देखा है, जबकि फोन पर भी उनकी आखिरी बातचीत करीब पांच-छह महीने पहले हुई थी। सुलेमान और कासिम ने कहा कि वे लगातार पाकिस्तान जाने के लिए वीजा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनके आवेदनों को लटकाया या खारिज किया जा रहा है। जब एथरटन ने पूछा कि क्या उन्हें पाकिस्तान जाने पर अपनी गिरफ्तारी का डर है तो सुलेमान ने बेहद भावुक लहजे में कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि… खैर, इस बात का थोड़ा खतरा तो है कि हमें गिरफ्तार किया जा सकता है। लेकिन आखिरकार, इस मोड़ पर हम बस उनसे मिलना चाहते हैं भले ही इसके लिए हमें कोई हंगामा न करना पड़े और कोई पब्लिसिटी न मिले।’