नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को गुजरात टाइटंस के हाथों महज एक रन से करीबी हार का सामना करना पड़ा। बुधवार रात खेले गए इस मैच में दिल्ली की हार से ज्यादा चर्चा डेविड मिलर के उस एक फैसले की हो रही है जिसने मैच का पासा पलट दिया। आखिरी दो गेंदों पर जब दिल्ली को जीत के लिए सिर्फ 2 रनों की दरकार थी तब क्रीज पर जमे हुए मिलर ने सिंगल न लेने का जोखिम भरा फैसला किया जो अंत में टीम पर भारी पड़ गया।
डेविड मिलर से हुई बड़ी गलती
मैच के आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद प्रसिद्ध कृष्णा ने फेंकी, जिस पर मिलर ने रन लेने से मना कर दिया। मिलर का इरादा साफ था कि वे आखिरी गेंद पर बाउंड्री लगाकर मैच खत्म करेंगे और दूसरे छोर पर मौजूद टेलेंडर कुलदीप यादव को स्ट्राइक देने का जोखिम नहीं उठाएंगे। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मिलर आखिरी गेंद को कनेक्ट नहीं कर पाए और रन दौड़ने की कोशिश में कुलदीप यादव रन आउट हो गए। इसी के साथ दिल्ली की टीम 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 209 रनों पर सिमट गई।
मिलर के सपोर्ट में उतरे गावस्कर
इस विवादास्पद फैसले पर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने मिलर का बचाव किया है। गावस्कर का मानना है कि जिस तरह से मिलर बल्लेबाजी कर रहे थे उनका खुद पर भरोसा करना गलत नहीं था।
केविन पीटरसन ने दिया ये बयान
वहीं, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने मिलर की मानसिकता को डिकोड करते हुए कहा कि मिलर के दिमाग में सुपर ओवर से ज्यादा जीत चल रही थी। पीटरसन के अनुसार मिलर को पूरा भरोसा था कि वह आखिरी गेंद पर कम से कम एक रन तो निकाल ही लेंगे या फिर उसे बाउंड्री के बाहर पहुंचा देंगे। वे कुलदीप यादव पर भरोसा करने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगा कि उनके लिए एक रन बनाना कोई मुश्किल काम नहीं होगा।