त्वचा पर लाल चकत्ते, सूखापन, पपड़ी और खुजली दिखाई दे तो अक्सर लोग इसे एक्जिमा या सोरायसिस समझ लेते हैं। दोनों ही क्रोनिक इंफ्लामेटरी स्किन कंडीशन हैं और कई बार देखने में एक जैसी लग सकती हैं। लेकिन इनके कारण, रैश का पैटर्न, शरीर पर प्रभावित होने वाली जगह और खुजली की तीव्रता में अंतर हो सकता है। एटोपिक डर्मेटाइटिस यानी एक्जिमा में खुजली एक प्रमुख लक्षण मानी जाती है, जबकि सोरायसिस में आमतौर पर त्वचा में साफ किनारों वाले, मोटे और लाल पैच के ऊपर सफेद या सिल्वर परत दिखाई दे सकती हैं। फिर भी केवल देखकर खुद से इनकी पहचान करना सही नहीं है, क्योंकि दोनों स्थिति के लक्षण एक दूसरे से मिलते जुलते हो सकते हैं।
एक्जिमा और सोरायसिस को देखकर कंफ्यूजन क्यों होता है?
एक्जिमा और सोरायसिस दोनों में स्किन इंफ्लामेशन के कारण लालिमा, सूखापन, सफेद परत और कभी-कभी खुजली दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि शुरुआती अवस्था में व्यक्ति के लिए दोनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
विशेष रूप से बच्चों में यह कंफ्यूजन ज्यादा हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार बच्चों में एक्जिमा और सोरायसिस को अलग करना हमेशा आसान नहीं होता और कुछ मामलों में एक कंडीशन को दूसरी समझ लिया जाता है। हालांकि डर्मेटोलॉजिस्ट आमतौर पर रैश का आकार, किनारे, परत की प्रकृति, प्रभावित शरीर का हिस्सा, खुजली और बीमारी के इतिहास को देखकर दोनों में अंतर करने की कोशिश करते हैं।
एक्जिमा क्या है और इससे त्वचा पर क्या होता है?
सोरायसिस क्या है और यह कैसे विकसित होता है?
सोरायसिस एक क्रोनिक इंफ्लामेटरी, रोग प्रतिरोध से जुड़ा स्किन रोग है। इसमें इम्यून सिस्टम की असामान्य गतिविधि त्वचा कोशिकाओं के बनने और बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित करती है। इसके कारण त्वचा पर कोशिका अपेक्षाकृत तेजी से जमा होने लगते हैं और मोटे या पैच बन सकते हैं।
एनसीबीआई के अनुसार सोरायसिस का सबसे आम रूप प्लाक सोरायसिस है। आम तौर पर इसमें परत वाली लाल या गुलाबी रंग की पट्टिकाएं दिखाई देती हैं, जिनके ऊपर सूखी, चांदी-सफेद परतें हो सकती हैं। ये पैच अक्सर कोहनी, घुटनों, खोपड़ी और पीठ के निचले हिस्से जैसी जगहों पर दिखाई देते हैं।
एक्जिमा और सोरायसिस में मुख्य अंतर कैसे समझें?
एक्जिमा और सोरायसिस के ज्यादातर लक्षण सामान होते हैं फिर भी उनमें कुछ अंतर मौजूद होता है। कुछ मामलों में दोनों रोग एक-दूसरे जैसी दिखाई दे सकते हैं या एक ही व्यक्ति में ओवरलैप भी हो सकता है। इसलिए इंटरनेट पर तस्वीरों से तुलना करके खुद पहचान करने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर होता है।