ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित चीनी दूतावास में ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाया गया है। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बांग्लादेश के वरिष्ठ सरकारी, सैन्य और राजनयिक अधिकारी शामिल हुए थे। चीन का ये कदम भारत की चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि वो लगातार भारत के पड़ोसी देशों से सैन्य संबंध मजबूत कर रहा है।
चीनी दूतावास की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की। इसमें प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एकेएम शम्सुल इस्लाम, प्रधानमंत्री के सलाहकार मो. इस्माइल ज़बीउल्लाह, एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों समेत करीब 300 मेहमान शामिल हुए थे।
बांग्लादेश में चीनी सेना ने मनाई वर्षगांठ
इस दौरान चीन के डिफेंस अताशे सीनियर कर्नल डू ज़िनशेंग ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की लीडरशिप में PLA देश की संप्रभुता की रक्षा करने और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश के लोगों के प्रति चीन की ‘अच्छे पड़ोसी और दोस्ताना नीति’ नए दौर में एक साझा भविष्य वाले चीन-बांग्लादेश समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चीन रक्षा और अन्य क्षेत्रों में बांग्लादेश के साथ आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने के लिए भी तैयार है।
वहीं बांग्लादेश के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एकेएम शम्सुल इस्लाम ने PLA के आधुनिकीकरण और बांग्लादेश और चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती की तारीफ की और बांग्लादेश के रक्षा विकास के लिए चीन के समर्थन की सराहना की। कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों ने चीनी सशस्त्र बलों की प्रगति की तारीफ की और आने वाले वर्षों में चीन-बांग्लादेश साझेदारी के लगातार बढ़ने की उम्मीद जताई।